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हरियाणा में भाजपा के दो साल के कामकाज पर घमासान, कांग्रेस ने मांगा हर वादे का हिसाब और श्वेत पत्र

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा सरकार से दो साल के कार्यकाल का श्वेत पत्र मांगा है।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
21 अक्टूबर 2026 को 09:42 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा सरकार के दो साल के कार्यों पर सवाल उठाए।
  • •युवाओं को पक्की नौकरियों, 2100 रुपये महिला सम्मान और 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद के वादों का हिसाब मांगा गया।
  • •कांग्रेस ने राज्य में बढ़ते नशे, कानून व्यवस्था की स्थिति और पेपर लीक के मामलों को लेकर सरकार को घेरा।
  • •सरकार से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, निवेश और विकास परियोजनाओं पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गई।

हरियाणा की राजनीति में पिछले दो वर्षों के प्रशासनिक प्रदर्शन को लेकर पारा चढ़ गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और सिरसा से लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह अपने पिछले दो साल के कार्यकाल का विस्तृत हिसाब जनता के सामने रखे और इस संबंध में एक आधिकारिक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करे। सांसद ने कहा कि चुनावी वादों की ज़मीनी हक़ीक़त और दावों के बीच बड़ा अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने राज्य में गहराते बेरोजगारी संकट, बेकाबू होती कानून व्यवस्था, लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं और बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर गंभीर चिंता जताई। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त सत्ताधारी दल ने हर वर्ग से लुभावने वादे किए थे, लेकिन आज जब उन वादों को पूरा करने का वक्त आया है, तो प्रशासन टालमटोल की नीति अपना रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत जनता के प्रति जवाबदेही तय करना सरकार का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है, और अब नागरिकों को कोरे आश्वासनों के बजाय ठोस परिणाम चाहिए।

प्रमुख चुनावी वादों और उनकी वर्तमान स्थिति का लेखा-जोखा

घोषणा या चुनावी वादाकांग्रेस द्वारा मांगी गई जानकारीवर्तमान स्थिति / ज़मीनी सवाल
महिला सम्मान राशिप्रतिमाह 2100 रुपये देने का वादाकितनी महिलाओं को मिला लाभ और कुल पात्र संख्या क्या है?
स्वास्थ्य कवरेज10 लाख रुपये तक मुफ्त उपचारकितने परिवारों को वास्तविक स्वास्थ्य लाभ मिला?
रोजगार सृजनदो लाख पक्की नौकरियां और पांच लाख रोजगारकितनी नियमित नियुक्तियां और अप्रेंटिसशिप पूरी हुईं?
कृषि उपज खरीद24 फसलों की एमएसपी पर खरीदफसलवार खरीद की मात्रा और भुगतान का सार्वजनिक आंकड़ा
आवास योजनापांच लाख शहरी एवं ग्रामीण मकानकितने आवास स्वीकृत, निर्मित और वितरित हुए?

सांसद ने विशेष रूप से उन घोषणाओं पर जोर दिया जो सीधे तौर पर आम आदमी, युवाओं और किसानों के जीवन स्तर को प्रभावित करती हैं। उन्होंने पूछा कि औद्योगिक निवेश के दावे कितने धरातल पर उतरे हैं और कितने स्थानीय युवाओं को वास्तव में रोजगार मिला है। इसके साथ ही, बीपीएल परिवारों के लिए 500 रुपये में गैस सिलेंडर, ग्रामीण छात्राओं के लिए स्कूटी वितरण, पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों की गारंटी और मुफ्त डायलिसिस जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं के क्रियान्वयन पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई गई है।

"भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से जो बड़े वादे किए थे, अब समय आ गया है कि सरकार बताए कि उनमें से कितने वादों पर मुहर लगी है और कितनों पर काम चल रहा है। हरियाणा की जागरूक जनता अब केवल घोषणाएं नहीं चाहती, बल्कि पारदर्शी और ठोस परिणाम मांगती है। सरकार को तुरंत एक वादावार श्वेत पत्र जारी करना चाहिए ताकि हर एक आंकड़े की सच्चाई जनता के सामने आ सके।" - कुमारी सैलजा, सांसद एवं कांग्रेस महासचिव

बुनियादी ढांचे, खेल नर्सरियों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर सवाल

विपक्ष की ओर से केवल आर्थिक वादों ही नहीं, बल्कि खेल बुनियादी ढांचे और परिवहन विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी तीखे सवाल दागे गए हैं। कुमारी सैलजा ने हर जिले में ओलंपिक खेल नर्सरियों के संचालन, मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति, तथा ओबीसी उद्यमियों के लिए 25 लाख रुपये तक की ऋण गारंटी की योजनाओं के बजट और लाभार्थियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

इसके अतिरिक्त, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, वंदे भारत सेवाओं, चार रैपिड रेल मार्गों, इंटरसिटी एक्सप्रेस मेट्रो और दक्षिण हरियाणा में प्रस्तावित अरावली जंगल सफारी पार्क जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और उनकी समयसीमा को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मुद्दों के उठने से राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में यह सत्ता और विपक्ष के बीच एक बड़ा वैचारिक संघर्ष बन सकता है।

शासन की पारदर्शिता और जनता की अपेक्षाओं पर प्रभाव

इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राजनीतिक जवाबदेही पर पड़ रहा है। विपक्षी दल द्वारा लगातार श्वेत पत्र की मांग किए जाने से सरकार पर अपने कल्याणकारी दावों को आंकड़ों के साथ साबित करने का दबाव बढ़ गया है। आम नागरिकों और विभिन्न संघों की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इन सवालों के संतोषजनक और तथ्यपरक जवाब देता है या नहीं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह के खुलासे और बहसें शासन को अधिक पारदर्शी बनाने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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