जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए 2026 एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल ने अब तक का सबसे गौरवशाली और ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। 18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक चले इन खेलों में भारत ने कुल 114 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक सफलता की सबसे बड़ी रीढ़ हरियाणा के खिलाड़ी रहे हैं। प्रदेश के पैरा-एथलीटों ने न केवल अपनी शारीरिक चुनौतियों को मात दी, बल्कि खेल के मैदान पर ऐसा पराक्रम दिखाया कि देश के कुल पदकों में हरियाणा की हिस्सेदारी 27.2% दर्ज की गई।
भारतीय दल ने इस बार 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक जीतकर साल 2022 के अपने ही 111 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस सफलता में हरियाणा का योगदान इस कदर प्रभावी रहा कि देश के कुल स्वर्ण पदकों में से लगभग 29% हिस्सा केवल हरियाणवियों के नाम रहा। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 9 गोल्ड समेत कुल 31 पदक जीते, जो पिछले खेलों के मुकाबले एक पदक अधिक है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस बार हरियाणा के खिलाड़ियों का 'सक्सेस रेट' 88% रहा, जो राज्य की खेल प्रतिभा के प्रति बढ़ते समर्पण को दर्शाता है।
हरियाणा का ऐतिहासिक प्रदर्शन: आंकड़ों की ज़ुबानी
इस बार भारतीय दल में हरियाणा के 35 खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जो 8 अलग-अलग खेलों में उतरे थे। इनमें से 27 खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। पिछले साल 2022 के खेलों की तुलना में इस बार की सफलता दर में 56% की भारी वृद्धि देखी गई है। महिला खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जहां 8 महिला एथलीटों में से 4 ने पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।
| विवरण | भारत (2022) | भारत (2026) | हरियाणा (2022) | हरियाणा (2026) |
|---|---|---|---|---|
| स्वर्ण पदक (Gold) | 29 | 30 | 06 | 09 |
| रजत पदक (Silver) | 31 | 35 | 09 | 10 |
| कांस्य पदक (Bronze) | 51 | 49 | 15 | 12 |
| कुल पदक (Total) | 111 | 114 | 30 | 31 |
| सफलता दर (Success Rate) | -- | -- | 32% | 88% |
स्वर्ण पदक विजेताओं की गौरव गाथा
हरियाणा के 9 शूरवीरों ने स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे की शान बढ़ाई। सोनीपत के सुमित अंतिल ने जैवलिन थ्रो में अपनी बादशाहत कायम रखी, तो वहीं फरीदाबाद के प्रणव सूरमा ने क्लब थ्रो और डिस्कस थ्रो दोनों स्पर्धाओं में सोना जीतकर सबको अचंभित कर दिया। करनाल के नितेश कुमार ने बैडमिंटन में अपनी लय बरकरार रखी, जबकि महेंद्रगढ़ की बहू मोना अग्रवाल ने शूटिंग में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इसके अलावा रोहतक के रिंकू हुड्डा, कैथल के हरविंदर सिंह, सोनीपत के अमित सरोहा, जींद के रामपाल चहल और हिसार के तरुण ढिल्लों ने भी गोल्ड मेडल जीतकर हरियाणा को खेलों का असली हब साबित किया।
रजत और कांस्य पदकों में भी रहा दबदबा
रजत पदक विजेताओं में फरीदाबाद के मनीष नरवाल, कुरुक्षेत्र के अजीत सिंह यादव और रोहतक के राकेश का नाम प्रमुख रहा। जैवलिन, डिस्कस थ्रो और पैरा पावरलिफ्टिंग में हरियाणा के खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं कांस्य पदक की बात करें तो रोहतक के हिमांशु नांदल इस बार के 'स्टार' बनकर उभरे, जिन्होंने तैराकी की अलग-अलग स्पर्धाओं में अकेले ही 3 कांस्य पदक जीते। पानीपत के नवदीप सिंह ने जैवलिन में और रेवाड़ी की सृष्टि अरोड़ा ने शूटिंग में कांस्य पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आपका हौसला ही आपकी पहचान है, और आपकी जीत पूरे देश का अभिमान! एशियन पैरा गेम्स 2026 के सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई। आपकी जीत सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस जुनून और अटूट इच्छाशक्ति की मिसाल है, जो हर मुश्किल को अवसर में बदलने का हौसला देती है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और भविष्य की राह
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा के पैरा-एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा सरकार की खेल नीति, नकद पुरस्कार और नौकरियों के प्रावधान ने खिलाड़ियों के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुँचाया है। इन खेलों के परिणाम आने वाले समय में राज्य के अन्य युवाओं को भी पैरा-स्पोर्ट्स की ओर आकर्षित करेंगे, जिससे भारत की वैश्विक रैंकिंग में और सुधार होने की उम्मीद है।
आगे की रणनीति
खेल विभाग अब इन पदक विजेताओं के लिए भव्य सम्मान समारोह की तैयारी कर रहा है। साथ ही, आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए नई प्रतिभाओं को तराशने हेतु विशेष प्रशिक्षण शिविरों की योजना बनाई जा रही है। हरियाणा के इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के कुल पदकों की संख्या में इस छोटे से राज्य का योगदान हमेशा निर्णायक बना रहेगा।


