हरियाणा के औद्योगिक शहर फरीदाबाद में पालतू कुत्तों की लापरवाही से होने वाले हमलों के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला सेक्टर-37 के पॉश इलाके अशोका एन्क्लेव पार्ट-2 से सामने आया है, जहां सुबह की सैर पर निकली एक बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा पर पड़ोसी के खूंखार जर्मन शेफर्ड ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना उस वक्त हुई जब छात्रा अपने छोटे पालतू कुत्ते (पोमेरियन) को टहला रही थी। अचानक हुए इस हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
घटना का पूरा विवरण और सिलसिलेवार घटनाक्रम
पीड़ित छात्रा सृष्टि शर्मा, जो एक निजी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रही है, ने बताया कि वह रोजाना की तरह सुबह करीब 7 बजे अपने पोमेरियन कुत्ते को घुमाने निकली थी। जैसे ही वह गली में पहुंची, तभी पड़ोसी का जर्मन शेफर्ड कुत्ता, जो बिना पट्टे के खुला छोड़ा गया था, तेजी से उसकी ओर झपटा। सृष्टि ने अपने छोटे कुत्ते को बचाने के लिए उसे तुरंत गोद में उठा लिया, जिससे वह खूंखार कुत्ता और भी आक्रामक हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, जर्मन शेफर्ड ने छात्रा पर हमला करते हुए उसके दाहिने हाथ पर दांत गड़ा दिए। सृष्टि ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया, लेकिन कुत्ता इतना हिंसक था कि उसने छात्रा की कमर और पैरों पर भी कई जगह काट लिया। काफी देर तक चले इस संघर्ष के बाद कुत्ते का मालिक मौके पर पहुंचा और उसे काबू किया। छात्रा को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन और प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| घटना स्थल | अशोका एन्क्लेव पार्ट-2, सेक्टर-37, फरीदाबाद |
| पीड़िता का नाम | सृष्टि शर्मा (बीटेक छात्रा) |
| हमलावर कुत्ते की नस्ल | जर्मन शेफर्ड (बिना पट्टे के खुला) |
| आरोपियों के नाम | सिकंदर और सुषमा शर्मा (कुत्ता मालिक) |
| संबंधित थाना | सराय ख्वाजा, फरीदाबाद |
| कानूनी धाराएं | BNS 291 और 125(ए) |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की भूमिका व बयान
घटना की सूचना मिलते ही सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कुत्ता बिना किसी नियंत्रण के सार्वजनिक स्थान पर घूम रहा था। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुत्ते के मालिकों, सिकंदर और सुषमा शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
"पशु मालिकों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने पालतू जानवरों को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित तरीके से रखें। लापरवाही बरतने और दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में बीएनएस की धारा 291 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।" - इंस्पेक्टर राकेश कुमार, थाना प्रभारी, सराय ख्वाजा
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर प्रभाव
इस घटना के बाद अशोका एन्क्लेव और आसपास की सोसायटियों में रहने वाले निवासियों में गहरा रोष और डर का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई लोग अपने बड़े और आक्रामक नस्ल के कुत्तों को बिना पट्टे और बिना मजल (Muzzle) के घुमाते हैं, जिससे पार्कों और गलियों में बच्चों और बुजुर्गों का निकलना दूभर हो गया है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और प्रशासन से पालतू कुत्तों के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की है।
फरीदाबाद में पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां पिटबुल और रॉटवीलर जैसी नस्लों ने लोगों को घायल किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में बड़े कुत्तों को पालने के लिए उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन न करना ऐसी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धारा 291 के तहत जानवर के संबंध में लापरवाही बरतने पर 6 महीने तक की कैद या 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। वहीं, धारा 125(ए) सुरक्षा को खतरे में डालने और चोट पहुंचाने से संबंधित है, जिसमें भी कठोर दंड का प्रावधान है। पुलिस अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है। साथ ही, नगर निगम को भी इस घटना की रिपोर्ट भेजी जा सकती है ताकि कुत्ते के पंजीकरण और टीकाकरण की जांच की जा सके।





