साइबर ठगों ने अब लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नेक और अजीबो-गरीब तरीके तलाशने शुरू कर दिए हैं। ताजा मामला हरियाणा के औद्योगिक शहर फरीदाबाद से सामने आया है, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक सीधे-साधे युवक को जिगोलो सर्विस के जरिए रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से शुरू हुआ यह झांसा धीरे-धीरे एक बड़े आर्थिक फ्रॉड में बदल गया और पीड़ित को अपनी जेब से करीब 90 हजार रुपये गंवाने पड़ गए। इस घटना ने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर सक्रिय साइबर अपराधियों के शातिर नेटवर्क की कलई खोलकर रख दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक कुछ समय से गंभीर आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर एक अज्ञात शख्स की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातचीत बढ़ने पर शातिर ठगों ने उसे एक ऐसे दलदल में खींचने की कोशिश की, जहां से निकलना बाद में मुश्किल हो गया। आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया कि यदि वह उनके नेटवर्क से जुड़कर जिगोलो का काम करता है, तो उसे प्रत्येक विजिट के एवज में 20 से 30 हजार रुपये तक की भारी-भरकम राशि आसानी से मिल जाएगी। बेरोजगारी और पैसों की तंगी से परेशान युवक उनकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आसानी से आ गया और इस जाल में फंसता चला गया।
शुरुआत मामूली रजिस्ट्रेशन फीस से हुई, फिर शुरू हुआ किस्तों का खेल
शुरुआती दौर में जालसाजों ने पीड़ित से केवल 1,200 रुपये बतौर रजिस्ट्रेशन शुल्क देने की बात कही। युवक ने यह रकम तुरंत ट्रांसफर कर दी। इसके बाद से ठगी का असली सिलसिला शुरू हुआ। आरोपियों ने अलग-अलग हथकंडे अपनाते हुए कभी काम शुरू करने के लिए विशेष मसाज किट खरीदने के नाम पर 18 हजार रुपये मांगे, तो कभी डीलक्स रूम का स्पेशल कार्ड बनवाने के बहाने 6 हजार रुपये से अधिक ऐंठे। इतना ही नहीं, होटल रूम के स्कैनर कार्ड के नाम पर भी उससे इतनी ही राशि वसूल की गई। इस प्रकार शातिर अपराधियों ने विभिन्न बहानों और अनगिनत वादों के सहारे कुल नौ किस्तों में युवक से 89,750 रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। हर बार उसे यही भरोसा दिलाया जाता था कि यह औपचारिकताएं पूरी होते ही उसे तुरंत क्लाइंट मिलने लगेंगे और उसकी कमाई शुरू हो जाएगी।
| ठगी के चरण / बहाने | वसूल की गई राशि (रुपये में) |
|---|---|
| शुरुआती रजिस्ट्रेशन शुल्क | 1,200 |
| मसाज किट की खरीद | 18,000 |
| डीलक्स रूम स्पेशल कार्ड | 6,000+ |
| होटल रूम स्कैनर कार्ड | 6,000+ |
| अन्य नौ किस्तों में कुल भुगतान | 89,750 (कुल योग) |
दो महीने से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब युवक को एक भी क्लाइंट नहीं मिला और न ही उसकी कोई आमदनी शुरू हुई, तो उसने आरोपियों से संपर्क साधना चाहा। इसके बाद ठगों ने उसे टालना शुरू कर दिया और हर बार दो-चार दिन का और इंतजार करने की बात कहकर मामले को लटकाते रहे। आखिरकार जब युवक को समझ आ गया कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है, तो उसने बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
"साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की मदद से आरोपियों की पहचान करने और उनका सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" - यशपाल, पीआरओ, फरीदाबाद पुलिस
साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क और नागरिकों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
इस तरह के मामले इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि किस प्रकार शातिर अपराधी समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार युवाओं को अपनी सुविधानुसार निशाना बना रहे हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में जहां एक ओर रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग इन माध्यमों का उपयोग करके भोले-भाले नागरिकों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। फरीदाबाद की यह घटना केवल एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि ऑनलाइन मिलने वाले लुभावने और आसान पैसों के ऑफर्स से किस हद तक सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन और साइबर सेल द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद लोग इन शातिर षड्यंत्रों का शिकार हो जाते हैं।
पुलिस जांच की दिशा और आगामी कानूनी कदम
फरीदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम विंग अब इस मामले की तकनीकी पहलुओं से गहराई से जांच कर रही है। जिन बैंक खातों में पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे, उनका स्टेटमेंट खंगाला जा रहा है और फेसबुक प्रोफाइल ऑपरेट करने वाले आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें और धोखाधड़ी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।





