भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में अपने सांगठनिक ढांचे को जमीनी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय 'पंचकमल' में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के आगामी तीन महीनों के संगठनात्मक लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और प्रशासनिक योजनाओं की पहुंच को पुख्ता करने पर विशेष मंथन किया गया।
सत्तारूढ़ दल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य के हर एक बूथ पर कम से कम 11 समर्पित कार्यकर्ताओं की समिति का गठन या पुनर्गठन किया जाए। इसके साथ ही चुनावी प्रबंधन की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले 'पन्ना प्रमुखों' की नियुक्ति प्रक्रिया को भी तुरंत अमलीजामा पहनाने का निर्देश दिया गया है। दो दिवसीय इस विशेष प्रवास के दौरान पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी और राष्ट्रीय सचिव सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह ने राज्य इकाई के शीर्ष नेतृत्व के साथ मैराथन विचार-विमर्श किया।
संगठन विस्तार और रात्रि प्रवास की रणनीति
पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने बैठकों के बाद मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संगठन को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर अत्यधिक सक्रिय बनाया जाएगा। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश पदाधिकारियों, महामंत्रियों और जिला प्रभारियों को विभिन्न जिलों में नियमित रूप से प्रवास करने के निर्देश दिए गए हैं। इन दौरों के दौरान अधिकारी केवल औपचारिकताएं पूरी नहीं करेंगे, बल्कि संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास भी करेंगे ताकि पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय संबंध स्थापित किए जा सकें और उनके अनुभवों का लाभ संगठन को मिल सके।
बैठक में यह भी अनिवार्य किया गया है कि हर एक कार्यकर्ता को स्पष्ट रूप से कोई न कोई जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिससे सांगठनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न आए। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मोर्चे पर पार्टी का कैडर पूरी तरह से मुस्तैद रहे और स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव लगातार बना रहे।
| बैठक का मुख्य बिंदु | निर्धारित लक्ष्य एवं कार्ययोजना | जिम्मेदार नेतृत्व |
|---|---|---|
| बूथ सशक्तिकरण | आगामी 3 महीनों में हर बूथ पर 11 सदस्यीय समिति का गठन | प्रदेश पदाधिकारी व जिला प्रभारी |
| पन्ना प्रमुख नियुक्ति | प्रत्येक मतदान केंद्र पर पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति सुनिश्चित करना | जिलाध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष |
| जिला प्रवास व संवाद | संगठन पदाधिकारियों द्वारा जिलों में रात्रि प्रवास व वरिष्ठों से संपर्क | प्रदेश महामंत्री व जिला प्रभारी |
| योजना क्रियान्वयन | केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पात्रों तक लाभ | सभी मोर्चा कार्यकर्ता व पदाधिकारी |
सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विपक्ष पर हमला
संगठन की मजबूती के साथ-साथ इस उच्चस्तरीय मंथन में जनकल्याणकारी नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चलाई जा रही जनहितैषी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि किसी पात्र नागरिक को सरकारी योजना का लाभ उठाने में कोई कठिनाई आती है, तो स्थानीय कार्यकर्ताओं का यह दायित्व होगा कि वे आगे आकर उसका समाधान करवाएं।
इस अवसर पर राजनीतिक माहौल पर भी तीखी चर्चा हुई। प्रदेश नेतृत्व ने विपक्षी दलों, विशेषकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और कांग्रेस पर कड़े प्रहार किए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी दल केवल राजनीतिक स्वार्थ और झूठे प्रचार के सहारे समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका मुंहतोड़ जवाब सांगठनिक शक्ति के माध्यम से दिया जाएगा।
संगठन की मजबूती हमारी पहली प्राथमिकता है। आगामी तीन महीनों में बूथ समितियों के पुनर्गठन और पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर कार्यकर्ता को स्पष्ट जिम्मेदारी मिले और सरकार की योजनाएं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे।
वरिष्ठ नेताओं और मोर्चों के साथ संवाद का दौर
पंचकूला में चल रहे इस दो दिवसीय प्रवास के दौरान संवाद का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। शुरुआती दौर की बैठकों के बाद, तीन कार्यकाल तक प्रदेश पदाधिकारी रह चुके वरिष्ठ नेताओं, विभिन्न मोर्चों के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों तथा बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के साथ भी पृथक बैठकें निर्धारित की गई हैं। इन बैठकों का उद्देश्य अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन को वर्तमान सांगठनिक ढांचे में पिरोना है।
पार्टी का मानना है कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा कार्यकर्ताओं के जोश के समन्वय से आगामी चुनावी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। बैठकों के समापन के बाद सभी जिलों में इस कार्ययोजना को युद्ध स्तर पर लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि निर्धारित तीन महीने की समयसीमा के भीतर बूथ स्तर पर पार्टी का ढांचा पूरी तरह से अभेद्य हो जाए।





