हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया और मतदान को लेकर आक्रामक रणनीति अख्तियार कर ली है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर पार्टी ने प्रदेशभर में 'वोट बचाओ-देश बचाओ' जन-अभियान चलाने की औपचारिक घोषणा कर दी है। यह सघन अभियान आगामी 14 अक्टूबर से शुरू होकर 24 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इसके सफल संचालन और निगरानी के लिए कांग्रेस आलाकमान ने हरियाणा के सभी जिलों में वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशों के तहत गठित यह संगठनात्मक ढांचा जमीनी स्तर पर मतदाताओं से संवाद स्थापित करेगा। पार्टी का मुख्य जोर विधानसभा चुनावों के दौरान ईवीएम मशीनों की कार्यप्रणाली, मतगणना और कथित वोट विसंगतियों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने का है। इसके साथ ही अभियान की तैयारियों और आगामी राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं को लामबंद किया जा रहा है।
अभियान का पूरा खाका और संगठनात्मक रणनीति
हरियाणा कांग्रेस की ओर से तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, 10 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले में विशेष सम्मेलनों, रैलियों और पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि हालिया चुनाव परिणामों में जनता के वास्तविक जनादेश के साथ खिलवाड़ किया गया है। नियुक्त किए गए AICC पर्यवेक्षक अपने-अपने आवंटित जिलों में जाकर स्थानीय पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बैठकें करेंगे।
अभियान के दौरान पार्टी बूथ स्तर पर मतदाताओं को मतदान के संवैधानिक महत्व और मतों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को भविष्य के चुनावों में सतर्क रहने और मतदान से लेकर मतगणना तक कड़ा पहरा रखने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
| अभियान का नाम | आयोजन अवधि | मुख्य संयोजक | प्रस्तावित प्रमुख कार्यक्रम |
|---|---|---|---|
| वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान | 14 से 24 अक्टूबर | AICC व हरियाणा कांग्रेस | जिला स्तरीय जनसभाएं व जनजागरण पदयात्रा |
| विपक्ष की दिल्ली कूच योजना | 12 अक्टूबर | प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व | केंद्रीय स्तर पर मतदान विसंगतियों को लेकर प्रदर्शन |
| जिला प्रभारियों की भूमिका | पूरे प्रदेश के सभी जिले | नियुक्त AICC पर्यवेक्षक | बूथ समन्वय, शिकायत संग्रह और कैडर बैठकें |
केंद्रीय नेताओं की तैनाती और दिल्ली कूच की तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 14 अक्टूबर से शुरू होने वाले जमीनी अभियान से पूर्व 12 अक्टूबर को कांग्रेस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल वोट चोरी के आरोपों और शिकायतों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को ब्लॉक स्तर पर संगठित किया जा रहा है ताकि दिल्ली पहुंचकर निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को मजबूती से उठाया जा सके।
वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर 12 अक्टूबर को हरियाणा कांग्रेस दिल्ली कूच करेगी और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया है कि पर्यवेक्षकों की जवाबदेही तय होगी। उन्हें प्रत्येक जिले में जाकर केवल बैठकें नहीं करनी हैं, बल्कि स्थानीय लोगों से चुनावी अनियमितताओं के लिखित साक्ष्य और शिकायतें भी संकलित करनी हैं। इन संकलित रिपोर्टों को बाद में पार्टी हाईकमान और कानूनी प्रकोष्ठ के सामने रखा जाएगा।
स्थानीय जनजीवन और राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव
विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस द्वारा छेड़े गए इस अभियान से राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। दशहरा और दीवाली के त्योहारों के बीच शुरू हो रहे इस सघन अभियान से जीटी रोड बेल्ट, बांगर, मेवात और अहीरवाल के सभी क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होंगी। जिला मुख्यालयों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों और बैठकों के चलते प्रशासनिक सतर्कता भी बढ़ाई जा रही है।
आम मतदाताओं के बीच इस अभियान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां विपक्ष इसे लोकतंत्र बचाने की संवैधानिक मुहिम बता रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे चुनावी हार की हताशा करार दे रहा है। कुल मिलाकर यह अभियान आने वाले दिनों में प्रदेश के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमाए रखेगा।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की रूपरेखा
कांग्रेस की लीगल सेल ने पहले ही चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। 14 से 24 अक्टूबर के अभियान के दौरान मिलने वाले अतिरिक्त इनपुट्स के आधार पर पार्टी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। संगठनात्मक स्तर पर तैयार की जा रही यह रिपोर्ट आगे की कानूनी लड़ाई का मुख्य आधार बनेगी।





