रेवाड़ी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद ने एक महत्वाकांक्षी और विकेंद्रीकृत योजना तैयार की है। लंबे समय से शहर की गलियों और मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेरों को लेकर उठ रही शिकायतों के बाद, प्रशासन ने अब जवाबदेही तय करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पूरे शहर को भौगोलिक आधार पर 27 अलग-अलग सर्कलों में बांट दिया गया है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर का कोई भी कोना सफाई की दृष्टि से अछूता न रहे और प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी स्पष्ट हो।
बीट सिस्टम से तय होगी जवाबदेही: हर गली पर होगी नजर
नगर परिषद की इस नई कार्ययोजना में सूक्ष्म प्रबंधन (Micro-management) पर जोर दिया गया है। प्रत्येक 27 सर्कलों के भीतर 10-10 'बीट' बनाई गई हैं। एक बीट का अर्थ एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र है, जिसकी सफाई का जिम्मा 2 से 3 सफाई कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। इससे पहले सफाई व्यवस्था में अक्सर यह भ्रम बना रहता था कि किस क्षेत्र की सफाई किसने की या कहाँ चूक हुई, लेकिन अब बीट सिस्टम लागू होने से संबंधित कर्मचारी सीधे तौर पर अपने क्षेत्र की स्वच्छता के लिए उत्तरदायी होंगे।
| श्रेणी | विस्तार/क्षेत्र विवरण |
|---|---|
| कुल सर्कल | 27 मुख्य प्रशासनिक सर्कल |
| बीट संरचना | प्रति सर्कल 10 बीट (कुल 270 बीट) |
| कार्यबल तैनाती | प्रति बीट 2 से 3 सफाई कर्मचारी |
| निगरानी तंत्र | वार्ड पार्षद एवं नगर परिषद अधिकारी |
| शिकायत माध्यम | फोटो आधारित व्हाट्सएप/मोबाइल हेल्पलाइन |
पार्षद और अधिकारी करेंगे जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग
इस योजना की सफलता के लिए नगर परिषद ने त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र विकसित किया है। सफाई कर्मचारियों के काम की रिपोर्ट न केवल विभाग के सुपरवाइजर तैयार करेंगे, बल्कि संबंधित वार्ड के पार्षद और परिषद के उच्चाधिकारी भी औचक निरीक्षण करेंगे। यदि किसी विशेष बीट में गंदगी पाई जाती है या सफाई के निर्धारित मानकों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अगले सप्ताह से इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
जन-भागीदारी: गंदगी की फोटो भेजिए, तुरंत होगा समाधान
नगर परिषद प्रशासन अब रेवाड़ी के नागरिकों को भी इस स्वच्छता अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाने जा रहा है। जल्द ही कुछ आधिकारिक मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। यदि किसी नागरिक को अपने घर के बाहर, गली में या सार्वजनिक स्थल पर कचरा दिखाई देता है, तो वे उस स्थान की फोटो खींचकर सीधे परिषद को भेज सकेंगे। डिजिटल माध्यम से प्राप्त इन शिकायतों का रियल-टाइम ट्रैक रखा जाएगा और अधिकारियों को तुरंत समस्या निवारण के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रोत्साहन बनाम कार्रवाई: कर्मचारियों में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने एक अनूठी पहल की है। शहर के प्रमुख स्थल, रोडवेज वर्कशॉप के सामने लगे विशाल डिजिटल बोर्ड पर उन सफाई कर्मचारियों के नाम और फोटो प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस सार्वजनिक सम्मान से कर्मचारियों के बीच बेहतर काम करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी। वहीं, दूसरी ओर काम में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त दंड का प्रावधान भी रखा गया है।
इन प्रमुख इलाकों को किया गया है शामिल
नगर परिषद द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस योजना में रेवाड़ी के सभी प्रमुख रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों को कवर किया गया है। इनमें मॉडल टाउन, ब्रास मार्केट, बीएमजी मॉल, सेक्टर-1, 3 व 4, धारूहेड़ा चुंगी, पटौदी रोड, कालका रोड, रेलवे स्टेशन परिसर, और पुराने शहर के बाजार जैसे कटला बाजार व मोती चौक शामिल हैं। इसके अलावा नई बस्तियों जैसे गुलाबी बाग, देव नगर और शक्ति नगर में भी बीट सिस्टम के तहत सफाई सुनिश्चित की जाएगी।





