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रेवाड़ी में सफाई व्यवस्था का नया खाका: 27 सर्कलों में बंटा शहर, बीट सिस्टम और डिजिटल निगरानी से सुधरेगी सूरत

रेवाड़ी नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए शहर को 27 सर्कलों में बांटा है। बीट सिस्टम, डिजिटल निगरानी और जन-भागीदारी से अब शहर की गलियों में फैलेगी स्वच्छता।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
22 अक्टूबर 2026 को 03:12 am बजे2 मिनट पठन1 व्यूज
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रेवाड़ी में सफाई व्यवस्था का नया खाका: 27 सर्कलों में बंटा शहर, बीट सिस्टम और डिजिटल निगरानी से सुधरेगी सूरत
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए पूरे शहर को 27 मुख्य सर्कलों में विभाजित किया।
  • •प्रत्येक सर्कल में 10 बीट बनाई गई हैं, जहाँ हर बीट पर 2 से 3 सफाई कर्मचारियों की स्थायी तैनाती होगी।
  • •आम जनता के लिए विशेष मोबाइल नंबर जारी होंगे, जिस पर गंदगी की फोटो भेजकर सीधे शिकायत की जा सकेगी।
  • •बेहतर प्रदर्शन करने वाले सफाई मित्रों को डिजिटल बोर्ड पर सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाहों पर होगी कार्रवाई।

रेवाड़ी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद ने एक महत्वाकांक्षी और विकेंद्रीकृत योजना तैयार की है। लंबे समय से शहर की गलियों और मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेरों को लेकर उठ रही शिकायतों के बाद, प्रशासन ने अब जवाबदेही तय करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पूरे शहर को भौगोलिक आधार पर 27 अलग-अलग सर्कलों में बांट दिया गया है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर का कोई भी कोना सफाई की दृष्टि से अछूता न रहे और प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी स्पष्ट हो।

बीट सिस्टम से तय होगी जवाबदेही: हर गली पर होगी नजर

नगर परिषद की इस नई कार्ययोजना में सूक्ष्म प्रबंधन (Micro-management) पर जोर दिया गया है। प्रत्येक 27 सर्कलों के भीतर 10-10 'बीट' बनाई गई हैं। एक बीट का अर्थ एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र है, जिसकी सफाई का जिम्मा 2 से 3 सफाई कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। इससे पहले सफाई व्यवस्था में अक्सर यह भ्रम बना रहता था कि किस क्षेत्र की सफाई किसने की या कहाँ चूक हुई, लेकिन अब बीट सिस्टम लागू होने से संबंधित कर्मचारी सीधे तौर पर अपने क्षेत्र की स्वच्छता के लिए उत्तरदायी होंगे।

श्रेणीविस्तार/क्षेत्र विवरण
कुल सर्कल27 मुख्य प्रशासनिक सर्कल
बीट संरचनाप्रति सर्कल 10 बीट (कुल 270 बीट)
कार्यबल तैनातीप्रति बीट 2 से 3 सफाई कर्मचारी
निगरानी तंत्रवार्ड पार्षद एवं नगर परिषद अधिकारी
शिकायत माध्यमफोटो आधारित व्हाट्सएप/मोबाइल हेल्पलाइन

पार्षद और अधिकारी करेंगे जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग

इस योजना की सफलता के लिए नगर परिषद ने त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र विकसित किया है। सफाई कर्मचारियों के काम की रिपोर्ट न केवल विभाग के सुपरवाइजर तैयार करेंगे, बल्कि संबंधित वार्ड के पार्षद और परिषद के उच्चाधिकारी भी औचक निरीक्षण करेंगे। यदि किसी विशेष बीट में गंदगी पाई जाती है या सफाई के निर्धारित मानकों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अगले सप्ताह से इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

जन-भागीदारी: गंदगी की फोटो भेजिए, तुरंत होगा समाधान

नगर परिषद प्रशासन अब रेवाड़ी के नागरिकों को भी इस स्वच्छता अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाने जा रहा है। जल्द ही कुछ आधिकारिक मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। यदि किसी नागरिक को अपने घर के बाहर, गली में या सार्वजनिक स्थल पर कचरा दिखाई देता है, तो वे उस स्थान की फोटो खींचकर सीधे परिषद को भेज सकेंगे। डिजिटल माध्यम से प्राप्त इन शिकायतों का रियल-टाइम ट्रैक रखा जाएगा और अधिकारियों को तुरंत समस्या निवारण के निर्देश दिए जाएंगे।

प्रोत्साहन बनाम कार्रवाई: कर्मचारियों में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने एक अनूठी पहल की है। शहर के प्रमुख स्थल, रोडवेज वर्कशॉप के सामने लगे विशाल डिजिटल बोर्ड पर उन सफाई कर्मचारियों के नाम और फोटो प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस सार्वजनिक सम्मान से कर्मचारियों के बीच बेहतर काम करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी। वहीं, दूसरी ओर काम में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त दंड का प्रावधान भी रखा गया है।

इन प्रमुख इलाकों को किया गया है शामिल

नगर परिषद द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस योजना में रेवाड़ी के सभी प्रमुख रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों को कवर किया गया है। इनमें मॉडल टाउन, ब्रास मार्केट, बीएमजी मॉल, सेक्टर-1, 3 व 4, धारूहेड़ा चुंगी, पटौदी रोड, कालका रोड, रेलवे स्टेशन परिसर, और पुराने शहर के बाजार जैसे कटला बाजार व मोती चौक शामिल हैं। इसके अलावा नई बस्तियों जैसे गुलाबी बाग, देव नगर और शक्ति नगर में भी बीट सिस्टम के तहत सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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