देश की आंतरिक सुरक्षा, एकता और संप्रभुता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों के स्मरण में हर वर्ष 21 अक्टूबर को 'पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इसी कड़ी में पानीपत पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर एक भव्य और गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर पुलिस अधीक्षक (IPS) श्रीमती मेधा भूषण के नेतृत्व में जिले के तमाम पुलिस अधिकारियों और जवानों ने कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर सर्वोच्च बलिदान देने वाले हुतात्माओं को नमन किया और पुष्प चक्र अर्पित किए।
यह दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन अनाम और वीर प्रहरियों के शौर्य की गाथा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं और आंतरिक शांति की रक्षा के लिए चट्टान की तरह डटे रहे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्र की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उनके दुःख-दर्द को साझा करते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान पूरे पुलिस महकमे में एक देशभक्ति और अनुशासन का माहौल देखने को मिला, जहां हर आंख नम थी लेकिन देश के प्रति समर्पण का भाव हर चेहरे पर स्पष्ट नजर आ रहा था।
पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक बैकग्राउंड और हॉट स्प्रिंग का वह खूनी संघर्ष
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास आज से 67 वर्ष पुराना है जिसकी नींव 20 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के निर्जन और बर्फीले इलाके 'हॉट स्प्रिंग' में रखी गई थी। उस दिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की एक टुकड़ी गश्त और तलाश के लिए निकली थी, जिस पर चीनी सैनिकों ने ऊंची पहाड़ियों से घात लगाकर अचानक हमला बोल दिया था। दुश्मन की संख्या और भौगोलिक बढ़त के बावजूद, भारतीय जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए चीनी सेना का डटकर मुकाबला किया। मातृभूमि की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ के 10 शूरवीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
आजादी के बाद से लेकर अब तक देश के विभिन्न पुलिस बलों के लगभग 35 हजार से अधिक जवान देश की आंतरिक व्यवस्था, कानून और सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो चुके हैं। केवल 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की समयावधि के भीतर ही देश भर में कुल 154 जवानों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए वीरगति प्राप्त की है। इन 154 शूरवीरों की सूची में हरियाणा पुलिस के चार जांबाज अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गए हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा।
| शहीद जवान का नाम | पद / रैंक | संबंधित राज्य / बल | योगदान व पृष्ठभूमि |
|---|---|---|---|
| इंसपेक्टर जगदीश प्रसाद | निरीक्षक (Inspector) | हरियाणा पुलिस | कर्तव्य पथ पर अदम्य साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान |
| रवि | उप निरीक्षक (SI) | हरियाणा पुलिस | आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए शहादत |
| राजेंद्र | सहायक उप निरीक्षक (ASI) | हरियाणा पुलिस | ड्यूटी के दौरान असाधारण वीरता का प्रदर्शन |
| सुनील कुमार | सहायक उप निरीक्षक (ASI) | हरियाणा पुलिस | देश और समाज की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति |
शहीद परिवारों से मुलाकात और पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
शहीदी स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने पानीपत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले शहीदों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान सिपाही प्रेम सिंह (निवासी सेक्टर-6 पानीपत), सिपाही संजय कुमार (निवासी विकास नगर गली नंबर-7 पानीपत), ईएसआई बलवान सिंह (निवासी देसराज कॉलोनी पानीपत) और यूजीसी रणधीर सिंह (निवासी गांव मांडी) के परिवारों से मिलकर अधिकारियों ने उनका कुशलक्षेम जाना। पुलिस प्रशासन द्वारा इन परिवारों को यह विश्वास दिलाया गया कि महकमा हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ा है और उनके परिजनों का यह बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा।
इस अवसर पर पानीपत पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह में एएसपी हर्षित गोयल (IPS), डीएसपी मुख्यालय विकास कुमार, डीएसपी प्रणय कुमार, डीएसपी नरेंद्र कुमार, डीएसपी सुरेश कुमार, डीएसपी प्रदीप तथा डीएसपी मुकेश कुमार समेत तमाम थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों ने शहीदों की मजारों और स्मारकों पर पुष्प अर्पित कर उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने की शपथ ली और अनुशासन का संदेश दिया।
"देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हमारे वीर पुलिसकर्मी राष्ट्र की सबसे अमूल्य थाती हैं। उनका यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता रहेगा। पानीपत पुलिस परिवार हर परिस्थिति में शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है।" - श्रीमती मेधा भूषण (IPS, पुलिस अधीक्षक, पानीपत)
स्थानीय कानून व्यवस्था और समाज पर इस आयोजन का गहरा प्रभाव
इस तरह के आयोजन केवल एक रस्म अदायगी नहीं होते, बल्कि ये समाज और पुलिस बल के बीच के रिश्ते को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम हैं। पानीपत जैसे औद्योगिक और संवेदनशीलता की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में पुलिस बल द्वारा शहीदों को याद किया जाना यह संदेश देता है कि आम जनता की सुरक्षा के पीछे कितनी बड़ी कुर्बानियां छिपी हैं। जब युवा अधिकारी और जवान इन शहीदों की गाथाओं को करीब से जानते हैं, तो उनकी कार्यशैली में एक नई ऊर्जा और संवेदनशीलता का संचार होता है।
इसके अलावा, शहीदों के परिवारों का सम्मान करने की इस परंपरा से समाज में यह संदेश जाता है कि देश के लिए जान न्यौछावर करने वालों को कभी भुलाया नहीं जाता। स्थानीय नागरिकों और युवाओं में भी इस प्रकार के आयोजनों से देशभक्ति की भावना प्रबल होती है। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाता है कि पुलिस बल के भीतर उच्च नैतिक मूल्य, अनुशासन और अपने कर्तव्यों के प्रति वफादारी हमेशा सर्वोच्च बनी रहे, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।





