भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के पूर्व अधिकारियों और जवानों ने विभाग के मौजूदा रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा के पंचकूला स्थित ट्रांसपोर्ट बटालियन में आयोजित 'ऑल इंडिया एक्स आईटीबीपी वेलफेयर एसोसिएशन' की वार्षिक आमसभा में पूर्व सैनिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बैठक में वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि बल का शीर्ष नेतृत्व पूर्व सैनिकों की समस्याओं और उनके हक के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है। इस नाराजगी का मुख्य केंद्र वेलफेयर फंड का प्रबंधन और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा।
एसोसिएशन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि सेवा के दौरान प्रत्येक सैनिक के वेतन से वेलफेयर फंड के नाम पर एक निश्चित राशि काटी जाती है, जो पूरी नौकरी के दौरान लाखों में पहुंच जाती है। पूर्व सैनिकों की मांग है कि इस संचित राशि का एक विशेष कॉर्पस फंड बनाया जाए, जिसका उपयोग केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। हालांकि, बार-बार मांग करने के बावजूद विभाग की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे पूर्व सैनिकों में भारी असंतोष व्याप्त है।
वेलफेयर फंड और प्रशासनिक अनदेखी का पूरा विवरण
आमसभा के दौरान पूर्व सैनिकों ने अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) जैसे BSF और CRPF का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कहीं अधिक बेहतर और पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू हैं। आईटीबीपी के पूर्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि जब विभाग को अपने पूर्व सैनिकों के साथ खड़ा होना चाहिए, तब प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे रहते हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए आंदोलन को तेज करेंगे।
| मुख्य बिंदु | विवरण / जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | ट्रांसपोर्ट बटालियन, आईटीबीपी (हरियाणा) |
| प्रमुख संगठन | ऑल इंडिया एक्स आईटीबीपी वेलफेयर एसोसिएशन |
| मुख्य मांग | वेलफेयर कॉर्पस फंड का निर्माण और बेहतर चिकित्सा सुविधा |
| कार्यकारिणी विस्तार | अगले 6 महीने के लिए कार्यकाल बढ़ाया गया |
| सम्मानित व्यक्तित्व | असिस्टेंट कमांडेंट गुरचरण सिंह विर्क, सूबेदार मेजर श्याम सुंदर |
चिकित्सा शिविर और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए बल के कंपोजिट अस्पताल की ओर से एक विशेष मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ. राजवीर सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने पूर्व सैनिकों की जांच की। विशेष रूप से बढ़ती उम्र के साथ होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों की पहचान के लिए परीक्षण किए गए। डॉ. सिंह ने पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और नियमित जांच कराने की सलाह दी।
"यह हमारा अपना पैसा है जो सेवा के दौरान काटा गया। हम केवल यह मांग कर रहे हैं कि हमारे बुढ़ापे और कल्याण के लिए इस राशि का सही उपयोग हो। विभाग का उदासीन रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।" - एसोसिएशन सदस्य
संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति
महासचिव के.एस. बाजवा ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में पिछले एक वर्ष के दौरान एसोसिएशन द्वारा किए गए कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। वहीं उपाध्यक्ष देवराज शर्मा ने पुरानी मांगों पर हुई प्रगति और विभागीय पत्राचार की जानकारी दी। कैशियर हरपाल सिंह ने वित्तीय लेखा-जोखा पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। श्रीमती विनोद वाशिष्ठ ने दूर-दराज से आए सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन की एकता पर बल दिया। आमसभा ने सर्वसम्मति से वर्तमान कार्यकारिणी का समय 6 महीने के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया ताकि लंबित मुद्दों पर निर्णायक पैरवी की जा सके।
सम्मान और गौरवशाली परंपरा
इस अवसर पर 1965 बैच के वरिष्ठ अधिकारी असिस्टेंट कमांडेंट गुरचरण सिंह विर्क और ट्रांसपोर्ट बटालियन के सूबेदार मेजर श्याम सुंदर को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। एसोसिएशन ने दोहराया कि पूर्व सैनिक विभाग की रीढ़ हैं और उनके अनुभव का सम्मान किया जाना चाहिए। बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि पूर्व सैनिकों के अधिकारों की लड़ाई को हर स्तर पर लड़ा जाएगा और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी।





