हरियाणा के पुलिस प्रशासनिक ढांचे में हाल ही में किए गए व्यापक फेरबदल के बाद से खाकी महकमे में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी प्रशासनिक आदेशों के क्रम में, वर्ष 2017 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की प्रतिष्ठित अधिकारी उपासना यादव को जींद जिले की कमान सौंपते हुए नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और बेबाक कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली इस युवा अधिकारी की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। पुलिस विभाग में फेरबदल की यह प्रक्रिया ऐसे समय पर सामने आई है जब त्योहारी सीजन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मूल रूप से दक्षिणी हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव नांगल मूंदी से ताल्लुक रखने वाली उपासना यादव का यहां तक का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करना उनके मजबूत इरादों को दर्शाता है। उन्होंने वर्ष 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में 596वीं रैंक हासिल कर आईपीएस सेवा के लिए चयन प्राप्त किया था। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले ही उनकी शैक्षणिक यात्रा बेहद शानदार रही है। उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर अपनी गांव की शाला से ही शिक्षा प्राप्त की, किंतु उनकी बौद्धिक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेशभर में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था। इसके पश्चात, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से अपनी उच्च शिक्षा पूरी करते हुए उन्होंने अपनी अकादमिक दक्षता का लोहा मनवाया था।
प्रशासनिक फेरबदल और जींद एसपी के रूप में नई जिम्मेदारी का पूरा विवरण
| प्रशासनिक विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| अधिकारी का नाम | आईपीएस उपासना यादव |
| बैच एवं कैडर | 2017 बैच, हरियाणा कैडर |
| नवीन पदस्थापना | पुलिस अधीक्षक (SP), जींद |
| मूल निवास | गांव नांगल मूंदी, जिला रेवाड़ी, हरियाणा |
| यूपीएससी सफलता | वर्ष 2016 (रैंक 596) |
| हालिया प्रशासनिक आदेश | 6 आईपीएस और 28 एचपीएस अधिकारियों के तबादले |
दशहरा पर्व के पावन अवसर पर प्रदेश शासन ने पुलिस महकमे में सर्जरी करते हुए कुल 6 आईपीएस और 28 एचपीएस (हरियाणा पुलिस सेवा) अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए। इसी प्रशासनिक सूची के अंतर्गत जींद जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी के स्थान पर उपासना यादव को इस महत्वपूर्ण जिले की बागडोर सौंपी गई है। जींद जिला भौगोलिक और राजनीतिक रूप से हरियाणा का एक अतिसंवेदनशील और केंद्र बिंदु माना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए हमेशा से एक बड़ी परीक्षा रहा है। ऐसे में एक दबंग और सख्त प्रशासक के रूप में पहचान बना चुकीं उपासना यादव की तैनाती से अपराधियों में खौफ और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव जागृत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अपनी कार्यकुशलता के साथ-साथ उपासना यादव अपने कड़क और समझौता न करने वाले स्वभाव के कारण पूर्व में भी सुर्खियों में रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल के दौरान एक बार राज्य सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अनिल विज के साथ उनकी एक प्रशासनिक बैठक के दौरान तीखी बहस का मामला खासा चर्चा का विषय बना था। यह घटना उस समय सामने आई थी जब एक विभागीय बैठक में पुलिस विभाग के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे थे। उस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने मौके पर ही संबंधित एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इस पर प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए एसपी स्तर की अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि उक्त श्रेणी के कर्मी को सीधे निलंबित करने का अधिकार उनके अधिकार क्षेत्र में निहित नहीं है। इस वैधानिक प्रक्रिया और प्रशासनिक अधिकार के बिंदुओं पर हुई इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था, जिसके बाद से उनकी गिनती राज्य के बेहद कड़े तेवर वाले पुलिस अधिकारियों में होने लगी थी।
"एक पुलिस अधिकारी के रूप में नियम और कानून की सीमाएं स्पष्ट होती हैं, और प्रशासनिक कार्रवाइयां हमेशा विधिक प्रावधानों के दायरे में ही संचालित की जानी चाहिए ताकि न्याय और अनुशासन दोनों की रक्षा हो सके।"
कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन का अगला रुख और चुनौतियां
जींद जिले में कार्यभार संभालने के पश्चात आईपीएस उपासना यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक तत्वों पर नकेल कसना और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना होगी। जींद का इलाका अपनी विशिष्ट सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जहां आए दिन विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन और धरने-प्रदर्शन होते रहते हैं। ऐसे में एक सख्त पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी स्थानीय स्तर पर पुलिस के इकबाल को बुलंद करने में मददगार साबित होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कार्यभार संभालते ही थाना प्रभारियों और सर्किल अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि आम जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि उपासना यादव जैसी तेजतर्रार और नियमों की पक्की अधिकारी की नियुक्ति से पुलिस बल के भीतर भी अनुशासन में सुधार देखने को मिलेगा। अधीनस्थ कर्मचारियों को यह संदेश स्पष्ट रूप से मिल चुका है कि कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस जिले में संतुलन बनाए रखना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी, लेकिन उनके अब तक के करियर के रिकॉर्ड को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे प्रशासनिक और मैदानी दोनों मोर्चों पर अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेंगी।





