हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार के आदेश के तहत दो वरिष्ठ हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से चंडीगढ़ प्रशासन को सौंप दी गई हैं।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इस संबंध में राज्यपाल की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसके बाद दोनों अधिकारियों को अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने के लिए निर्देश दिए गए हैं।। HCS अधिकारियों की नई नियुक्तियों का विवरण किन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी?। चन्द्र शेखर धरणी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिन दो अधिकारियों के नाम शामिल हैं, उनमें पहला नाम 2011 बैच के HCS अधिकारी गौरव कुमार का है।। गौरव कुमार वर्तमान में हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।।
| अधिकारी का नाम | बैच | वर्तमान पदस्थापना | नई जिम्मेदारी |
|---|---|---|---|
| गौरव कुमार | 2011 | सचिव, हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग | चंडीगढ़ प्रशासन |
| प्रदीप अहलावत-I | 2013 | अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग | चंडीगढ़ प्रशासन |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
अब उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।। इसके अलावा, 2013 बैच के HCS अधिकारी प्रदीप अहलावत-I की सेवाएं भी चंडीगढ़ प्रशासन के सुपुर्द कर दी गई हैं।। प्रदीप अहलावत अभी तक नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, हरियाणा में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) के पद पर कार्यरत थे।। राज्य सरकार के इन आदेशों के बाद दोनों अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।। प्रशासनिक कामकाज पर असर इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के चंडीगढ़ प्रशासन में जाने से हरियाणा के संबंधित विभागों में खाली होने वाले पदों पर जल्द ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग में प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करेगी।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





