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हरियाणा में भ्रष्टाचार पर ACB का महा-प्रहार: 2026 में रिश्वतखोरों पर टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, 172 गिरफ्तार

हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 172 आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा। पुलिस, बिजली और राजस्व विभाग के अफसर रडार पर।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
24 अक्टूबर 2026 को 08:20 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में भ्रष्टाचार पर ACB का महा-प्रहार: 2026 में रिश्वतखोरों पर टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, 172 गिरफ्तार
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने वर्ष 2026 में 171 ट्रैप केस दर्ज कर पिछले एक दशक का रिकॉर्ड ध्वस्त किया।
  • •30 सितम्बर तक 16 राजपत्रित अधिकारियों सहित कुल 172 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
  • •पुलिस, बिजली, और राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर गिरी गाज, 26 दोषियों को सुनाई गई कठोर कारावास की सजा।
  • •एसीबी प्रमुख डॉ. ए.एस. चावला की सख्त चेतावनी—जनता को परेशान करने वाले भ्रष्ट अधिकारी अब नहीं बचेंगे।

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने वर्ष 2026 में एक अभूतपूर्व अभियान छेड़ दिया है। प्रदेश की मनोहर-नायब सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को धरातल पर उतारते हुए ब्यूरो ने इस वर्ष कार्रवाई के पिछले 10 वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 तक ब्यूरो ने कुल 171 ट्रैप केस दर्ज किए हैं, जो साल 2016 के बाद की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकारी कार्यालयों में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार पर अब सीधी और घातक चोट की जा रही है।

ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच भ्रष्टाचार के विरुद्ध कुल 191 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से 155 मामले ऐसे थे जिनमें आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तारियों में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही शामिल नहीं हैं, बल्कि ब्यूरो ने 16 राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) पर भी शिकंजा कसा है। इसके अलावा, 131 अराजपत्रित कर्मचारियों और रिश्वत के खेल में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले 25 निजी व्यक्तियों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है।

एसीबी की कार्रवाई का सांख्यिकीय विवरण

विवरण (अवधि: 1 जनवरी - 30 सितम्बर 2026)कुल संख्या / आंकड़े
कुल दर्ज आपराधिक मुकदमे191
रंगे हाथ पकड़ने के मामले (ट्रैप केस)155
गिरफ्तार राजपत्रित अधिकारी16
गिरफ्तार अराजपत्रित कर्मचारी131
गिरफ्तार निजी व्यक्ति (बिचौलिए)25
कुल गिरफ्तार आरोपी172
दोषी करार दिए गए आरोपी (सजायाफ्ता)26

भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जंग में केवल गिरफ्तारियां ही नहीं, बल्कि दोषियों को सजा दिलाने की दर में भी तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल 15 सितंबर तक 61 जांचें पूरी की जा चुकी हैं। इन जांचों के आधार पर ब्यूरो ने 74 राजपत्रित और 20 अराजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जोरदार सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, 10 गंभीर जांचों के आधार पर 7 राजपत्रित अधिकारियों, 16 कर्मचारियों और 40 निजी व्यक्तियों के खिलाफ नए आपराधिक मामले दर्ज करने की अनुशंसा की गई है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े नामों पर गाज गिरना तय है।

"जो अधिकारी या कर्मचारी बिना रिश्वत के जायज काम नहीं करते या जनता को कार्यालयों के चक्कर कटवाकर परेशान करते हैं, वे किसी गलतफहमी में न रहें। कानून की पकड़ बहुत मजबूत है और पद का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हमारी प्राथमिकता व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।" - डॉ. ए.एस. चावला, प्रमुख, हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो

इन विभागों में सबसे अधिक पकड़े गए रिश्वतखोर

ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई में हरियाणा के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभाग रडार पर आए हैं। सजा पाने वाले और रंगे हाथ पकड़े जाने वाले आरोपियों में सबसे अधिक संख्या पुलिस और बिजली विभाग की रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग के 6, विद्युत विभाग के 5, सिंचाई विभाग के 2, शिक्षा विभाग के 2, और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 2 अधिकारियों को कोर्ट ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकाय, आबकारी एवं कराधान, और हरियाणा वेयरहाउस जैसे विभागों में भी भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए हैं।

एसीबी की इस सक्रियता ने प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विशेष रूप से जीटी रोड बेल्ट के जिलों जैसे पानीपत, करनाल और सोनीपत में ब्यूरो की टीमें लगातार सक्रिय हैं। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सरकारी कुर्सी का उपयोग निजी स्वार्थ और अवैध उगाही के लिए करते हैं। ब्यूरो का कहना है कि आगामी महीनों में तकनीक और खुफिया तंत्र के माध्यम से इस अभियान को और अधिक तेज किया जाएगा ताकि आम नागरिक को अपने जायज कामों के लिए किसी दलाल या भ्रष्ट अधिकारी के सामने झुकना न पड़े।

भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा की ओर बढ़ते कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैप केसों में आया यह उछाल दो प्रमुख कारणों से है: पहला, सरकार की ओर से मिली खुली छूट और दूसरा, जनता में बढ़ती जागरूकता। अब लोग रिश्वत देने के बजाय टोल-फ्री नंबरों और एसीबी के कार्यालयों में शिकायत दर्ज कराना बेहतर समझ रहे हैं। 2026 के ये आंकड़े न केवल रिकॉर्ड तोड़ हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ प्रशासनिक तंत्र की नींव भी रख रहे हैं। आने वाले समय में 190 से अधिक चिन्हित भ्रष्टाचारियों की सूची पर होने वाली कार्रवाई प्रदेश में सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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