हरियाणा के भिवानी जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक बीबीआई (BBA) छात्र पर सरेआम जानलेवा हमला कर दिया। वारदात भिवानी के गांव पालुवास के समीप पालुवास मोड़ पर घटित हुई, जहाँ बाइक सवार छात्र को पहले एक बिना नंबर की कार से टक्कर मारकर गिराया गया और फिर आधा दर्जन से अधिक बार लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से वार कर उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए। इस पूरी खौफनाक वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर बेरहमी से छात्र पर हमला करते नजर आ रहे हैं।
पीड़ित छात्र की पहचान रुद्र प्रताप के रूप में हुई है, जो पालुवास गांव का निवासी है। जानकारी के अनुसार, घटना 20 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे की है जब रुद्र अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर हुड्डा पार्क की ओर जा रहा था। तभी पीछे से आई एक नीले रंग की कार ने उसे जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगने के बाद रुद्र जमीन पर गिर गया, जिसके बाद कार से तीन युवक उतरे और उसे जबरन गाड़ी में डालने का प्रयास करने लगे। जब रुद्र ने खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे पकड़ लिया और जान से मारने की नियत से उस पर पिस्तौल तान दी।
| विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| पीड़ित का नाम | रुद्र प्रताप (बीबीए छात्र) |
| घटनास्थल | पालुवास मोड़, हुड्डा पार्क के पास, भिवानी |
| चोटों की गंभीरता | दोनों हाथ-पैरों में 6 जगह फ्रैक्चर |
| मुख्य आरोपी | हिमांशु, अंकित एवं अन्य साथी |
| इस्तेमाल वाहन | बिना नंबर की नीले रंग की कार |
क्रूरता की हदें पार: सोची-समझी साजिश के तहत किया हमला
रुद्र के पिता विनोद प्रताप ने बताया कि यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों की रुद्र के बड़े भाई ध्रुव के दोस्तों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने रुद्र को निशाना बनाया, जबकि रुद्र का उस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। हमलावरों ने इतनी क्रूरता दिखाई कि उन्होंने रुद्र के हाथ और पैरों पर ही वार किए ताकि वह जीवनभर के लिए लाचार हो जाए। डॉक्टरों के अनुसार, रुद्र के दोनों हाथों और पैरों की एड़ी के पास कुल 6 गंभीर फ्रैक्चर आए हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने किसी को वीडियो कॉल भी किया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने फोन पर कहा कि "रुद्र का काम तमाम कर दिया है" और फिर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका ऑपरेशन होना है।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए भिवानी की औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर हिमांशु, अंकित और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की भी स्कैनिंग कर रही है ताकि बिना नंबर वाली उस नीले रंग की कार का सुराग लगाया जा सके।
"हमें वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को सक्रिय कर दिया था। घायल रुद्र के बयान दर्ज किए गए हैं और आरोपियों की पहचान हिमांशु व अंकित के रूप में हुई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" - देवेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, औद्योगिक क्षेत्र, भिवानी।
स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने भिवानी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेआम एक छात्र को गाड़ी से टक्कर मारना और फिर हथियारों के बल पर पिटाई करना अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। रुद्र के पिता विनोद ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हो रही है, जिससे उनके परिवार में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने मांग की है कि पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे और इलाके में गश्त बढ़ाई जाए।
अगले कदम और कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल, पुलिस की कई टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज को मुख्य साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके मोबाइल रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है ताकि उस 'वीडियो कॉल' के पीछे की सच्चाई सामने आ सके, जिसका जिक्र पीड़ित ने अपनी शिकायत में किया है। इस मामले में पुलिस पर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि यह घटना सीधे तौर पर छात्र सुरक्षा और गैंगवार जैसी रंजिशों से जुड़ी हुई है।





