हरियाणा के यमुनानगर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पर्व की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब एक युवक को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। घटना जिले के कमला नगर क्षेत्र की है, जहां एक व्यक्ति को केवल इस बात पर निशाना बनाया गया क्योंकि उसने पूर्व में हुए किसी विवाद में कथित तौर पर आरोपियों का साथ देने से इनकार कर दिया था। इस नृशंस हमले के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और पीड़ित परिवार तथा स्थानीय निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 34 वर्षीय सरन सिंह के तौर पर हुई है, जो अपने परिवार का मुख्य सहारा था। वह दो मासूम बेटियों का पिता होने के साथ-साथ अपनी दो बहनों का इकलौता भाई भी था। इस वीभत्स घटना ने एक बार फिर से मामूली रंजिश के चलते बढ़ते हिंसक टकराव और कानून के प्रति बेखौफ होते अपराधियों की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना का सिलसिलेवार विवरण और चश्मदीदों के खुलासे
कमला नगर निवासी संजीव कुमार, जो पेशे से कार रिपेयरिंग का काम करते हैं, ने इस खौफनाक वारदात का आंखों देखा हाल बयां किया। संजीव के मुताबिक, मंगलवार की शाम वह अपने बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर दशहरा कार्यक्रम देखने गए थे। उसी दौरान उनके चचेरे भाई सरन सिंह भी अपनी पत्नी और बेटियों के साथ पर्व का आनंद लेकर घर लौटे थे। परिवार के सदस्यों को सुरक्षित घर छोड़ने के बाद संजीव लगभग सवा सात बजे घर से सब्जी लाने के लिए निकले थे।
जब संजीव रात करीब साढ़े सात बजे कमला नगर स्थित छोटी लाइन के पास अपनी दुकान के सामने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां दीपक उर्फ दीपा और उसके कुछ साथी पहले से मौजूद थे। वहां सरन सिंह और दीपक के बीच तीखी बहस चल रही थी। दीपक इस बात को लेकर सरन पर भड़का हुआ था कि उसने किसी पिछले झगड़े में उसका पक्ष नहीं लिया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दीपक ने आपा खो दिया और सरन सिंह पर मुक्कों की बरसात कर दी।
| घटना का पहलू | विवरण / तथ्य |
|---|---|
| घटना का स्थान | कमला नगर, छोटी लाइन, यमुनानगर |
| मृतक का नाम व आयु | सरन सिंह (34 वर्ष) |
| मुख्य आरोपी | दीपक उर्फ दीपा और शिवम उर्फ शिवा |
| विवाद की वजह | आपसी झगड़े में साथ न देने की रंजिश |
| पुलिस कार्रवाई | यमुनानगर सिटी थाना में हत्या का मामला दर्ज |
मारपीट की इस घटना के दौरान जब आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो स्थिति और अधिक हिंसक हो गई। महज तीन-चार मिनट के भीतर दीपक का भतीजा शिवम उर्फ शिवा अपने दो अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर वहां पहुंच गया। आरोप है कि आते ही शिवम और उसके साथियों ने भी सरन सिंह पर बेरहमी से हमले शुरू कर दिए। उन्होंने पीड़ित के पेट, छाती और नाजुक अंगों पर ताबड़तोड़ लात-घूंसे बरसाए, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बावजूद हमलावरों की क्रूरता कम नहीं हुई और वे लगातार उसे पीटते रहे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों को जब इस गंभीर स्थिति की भनक लगी, तो वे तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। मृतक की पत्नी नेहा और अन्य परिजनों ने बड़ी मुश्किल से घायल सरन सिंह को संभाला और आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद सरन सिंह को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने संजीव कुमार की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नामजद आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
"मेरे भाई के साथ आरोपियों ने बेहद बेरहमी से मारपीट की। उसने किसी झगड़े में साथ नहीं दिया था, इसी रंजिश में उसकी जान ले ली गई। हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि हमें न्याय मिल सके।" - संजीव कुमार, मृतक का चचेरा भाई एवं चश्मदीद
स्थानीय जनजीवन और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभाव
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। लोगों का कहना है कि त्योहार के दिन इस तरह की हिंसक घटनाएं समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आपराधिक प्रवृत्ति का प्रमाण हैं। छोटी-छोटी बातों पर जान ले लेना कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोका जा सके।
स्थानीय बाजार और रिहायशी इलाकों में इस हत्याकांड के बाद से लोग खौफज़दा हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस यह खंगालने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी हैं और इस साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
आगामी कानूनी कदम और प्रशासनिक कार्रवाई
जांच अधिकारियों का मुख्य फोकस अब फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ पर है। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और चश्मदीदों के बयानों को आधार बनाकर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो जाएगी, जिसके आधार पर चार्जशीट में और पुख्ता धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।





