हरियाणा के यमुनानगर जिले के अंतर्गत आने वाले कमला नगर इलाके में उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक शादीशुदा युवक की कथित तौर पर सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर लातों और घूंसों से पिटाई कर दी गई। इस वीभत्स घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। मृतक की पहचान शरण सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता भरण-पोषण करने वाला सदस्य था। अचानक हुई इस हिंसक झड़प और मौत के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, और हर आंख इस घटना को सुनकर नम हो गई है।
प्राप्त शुरुआती विवरण के अनुसार, यह वारदात उस वक्त घटी जब शरण सिंह अपने घर के आसपास ही किसी जरूरी काम से बाहर निकला था। बताया जा रहा है कि वह पहले एक धार्मिक या पारिवारिक आयोजन (विसारा पर्व) में शामिल हुआ था और अपने परिजनों को सुरक्षित घर छोड़ने के तुरंत बाद बाजार से सब्जियां खरीदने के लिए निकला था। जैसे ही वह कमला नगर में छोटी लाइन के समीप पहुंचा, घात लगाए बैठे कुछ स्थानीय युवकों ने उसे रोक लिया और देखते ही देखते उसके साथ गाली-गलौज व हाथापाई शुरू कर दी।
दिनदहाड़े मारपीट का सिलसिला और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि चार से पांच हमलावरों ने शरण सिंह को चारों तरफ से घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ प्रहार करने लगे। हमलावरों ने मानवता की सभी हदें पार करते हुए उसे जमीन पर गिराकर लातों और घूंसों से बुरी तरह कुचला। इस दौरान पीड़ित की चीख-पुकार सुनकर कुछ राहगीरों और आसपास के परिचितों ने घटना की भनक उसके घर तक पहुंचाई। परिवार के सदस्य जब तक भागकर मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे और शरण सिंह सड़क पर अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था।
परिजन बिना एक पल गंवाए उसे तुरंत नजदीकी सिविल अस्पताल लेकर भागे, ताकि समय रहते उसकी जान बचाई जा सके। हालांकि, अस्पताल की आपातकालीन इकाई में मौजूद चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक आंतरिक चोटों और सदमे के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसे थम चुकी थीं। इस दुखद समाचार ने परिजनों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया और अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया।
| घटना का पहलू | विवरण एवं तथ्य |
|---|---|
| मृतक का नाम | शरण सिंह |
| घटना स्थल | कमला नगर, छोटी लाइन के पास, यमुनानगर |
| आश्रित परिवार | पत्नी, 6 वर्षीय बेटी और 2 वर्षीय बेटी |
| मुख्य मांग | रामपुरा पुलिस चौकी में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई |
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और परिजनों का प्रदर्शन
घटना की गंभीरता को भांपते हुए बुधवार की सुबह मृतक के सैंकड़ों परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों ने रामपुरा पुलिस चौकी का रुख किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष रोष प्रदर्शन करते हुए मांग की कि शरण सिंह की हत्या में संलिप्त सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक सभी नामजद और संलिप्त हमलावरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित पक्ष को निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय का भरोसा दिया है।
कानून व्यवस्था के जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आपराधिक प्रवृत्ति का परिणाम हैं। पुलिस की साइबर और लोकल इंटेलिजेंस विंग आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है ताकि हमलावरों की पहचान पुख्ता की जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों और चोटों की प्रकृति का वैज्ञानिक खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।
दो मासूम बच्चियों के सिर से उठा साया और पारिवारिक पृष्ठभूमि
इस वीभत्स घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि शरण सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी दो बहनें भी हैं। उसके कंधों पर अपने वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो अत्यंत छोटी बच्चियों (एक छह साल और दूसरी महज दो साल की) के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। पिता के अचानक इस प्रकार दुनिया से चले जाने के बाद दोनों मासूमों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है। वे अभी इतनी समझदार भी नहीं हैं कि इस त्रासदी की गहराई को समझ सकें, लेकिन घर का माहौल उनकी किलकारियों की जगह चीख-पुकार में बदल चुका है।





