हरियाणा की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसी कड़ी में जींद जिले के छोटे से गांव संगतपुरा की होनहार बेटी और भारतीय सेना में सेवारत शूटर नीरू ढांडा को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए लंदन की प्रतिष्ठित धरती पर सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है। 'हरियाणा इन यूके एसोसिएशन' द्वारा आगामी 14 नवंबर 2026 को लंदन में एक विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उन्हें 'हरियाणा गौरव अवार्ड-2026' से अलंकृत किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान से न केवल उनके पैतृक गांव और परिवार में जश्न का माहौल है, बल्कि सम्पूर्ण हरियाणा की खेल बिरादरी में गर्व की लहर दौड़ गई है।
शूटर नीरू ढांडा वर्तमान में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार के गौरवशाली पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। सेना के कठोर अनुशासन के साथ-साथ खेल के मैदान पर उनका समर्पण इस बात का प्रमाण है कि लगन और मेहनत से हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। इससे पहले प्रतिष्ठित 'हरियाणा गौरव अवार्ड' देश की स्टार निशानेबाज मनु भाकर को मिल चुका है, और अब नीरू ढांडा इस सम्मान को प्राप्त करने वाली हरियाणा की दूसरी महिला शूटर बनने जा रही हैं। यह उपलब्धि राज्य की महिला खिलाड़ियों की बढ़ती वैश्विक पहचान और उनके संघर्षशील जीवन की एक बेहतरीन मिसाल है।
एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन और पदकों की झड़ी
नीरू ढांडा ने अपनी अचूक निशानेबाजी का लोहा एशियन गेम्स जैसे महाद्वीपीय मंच पर मनवाया था। उन्होंने इन खेलों में अपनी बेहतरीन सटीकता और मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए कुल तीन पदक देश की झोली में डाले थे। प्रतियोगिताओं के दौरान उनके द्वारा दिखाए गए खेल कौशल ने खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया था। उन्होंने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, वहीं महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा, मिक्स्ड टीम ट्रैप स्पर्धा में भी उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया।
खेल जगत में उनकी इन ऐतिहासिक उपलब्धियों ने उन्हें भारत की शीर्ष निशानेबाजों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। सेना में अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार करना और पोडियम तक पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। नीरू की यह सफलता उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने की ललक रखते हैं।
| सम्मानित होने वाली खिलाड़ी | सम्मान का नाम | आयोजन स्थल व तिथि | एशियन गेम्स में जीते गए पदक |
|---|---|---|---|
| नायब सूबेदार नीरू ढांडा | हरियाणा गौरव अवार्ड-2026 | लंदन, 14 नवंबर 2026 | 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक |
| सुजीत कलकल (पहलवान) | हरियाणा गौरव अवार्ड-2026 | लंदन, 14 नवंबर 2026 | कुश्ती स्पर्धा के अन्य पदक |
खेल और राष्ट्रसेवा का अनूठा संगम: प्रशासनिक प्रतिक्रिया
नीरू ढांडा की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि और लंदन में मिलने वाले सम्मान पर खेल जगत और प्रशासनिक हल्कों से भी सराहना मिल रही है। जानकारों का मानना है कि सेना की वर्दी पहनकर देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ खेल के मैदान पर तिरंगा फहराना हर किसी के बस की बात नहीं होती। नीरू ने इन दोनों मोर्चों पर खुद को साबित करके दिखाया है कि भारतीय बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
इस संबंध में खेल आयोजकों से जुड़े कुलदीप अहलावत ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा,
"भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार के पद पर सेवारत नीरू खेल और राष्ट्रसेवा, दोनों ही क्षेत्रों में अद्वितीय समर्पण का जीवंत उदाहरण पेश कर रही हैं। उनकी यह सफलता न केवल हरियाणा की खेल प्रतिभाओं की ताकत को दर्शाती है, बल्कि भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख का भी प्रमाण है। आगामी 14 नवंबर को लंदन के मंच पर उनका सम्मानित होना पूरे देश के लिए गौरव का पल होगा।"
लंदन में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में नीरू ढांडा के साथ-साथ प्रसिद्ध पहलवान सुजीत कलकल को भी उनके उत्कृष्ट खेल योगदान के लिए इसी प्रतिष्ठित अवार्ड से नवाजा जाएगा। इन दोनों खिलाड़ियों का चयन हरियाणा की खेल संस्कृति की उस उर्वर जमीन को रेखांकित करता है, जो लगातार विश्व स्तर पर चैंपियन पैदा कर रही है।
स्थानीय जनजीवन और खेल संस्कृति पर गहरा प्रभाव
जींद और आसपास के ग्रामीण अंचलों के लिए नीरू ढांडा की यह सफलता किसी उत्सव से कम नहीं है। हरियाणा का यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से खेलों और सेना में भर्ती के लिए जाना जाता है, लेकिन बेटियों द्वारा वैश्विक मंच पर इस तरह का मुकाम हासिल करना सामाजिक रूढ़ियों को तेजी से तोड़ रहा है। संगतपुरा जैसे छोटे गांव की बेटी का लंदन जाकर सम्मानित होना यह साबित करता है कि यदि प्रतिभा को उचित मंच और हौसला मिले, तो वह दुनिया के किसी भी कोने में अपनी चमक बिखेर सकती है। स्थानीय स्कूलों और खेल अकादमियों में अब युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बालिकाओं को शूटिंग के खेल में आगे आने के लिए नीरू का उदाहरण दिया जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को एक नया संबल मिल रहा है।
भविष्य की खेल नीतियां और आगामी तैयारियां
आगामी 14 नवंबर 2026 को लंदन में होने वाले इस गरिमामयी समारोह के बाद नीरू ढांडा का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की आगामी प्रतियोगिताओं में देश के लिए और अधिक पदक जीतना है। इस तरह के सम्मान मिलने से खिलाड़ियों का मनोबल तो बढ़ता ही है, साथ ही उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी ट्रेनिंग और प्रदर्शन को और बेहतर करने की ऊर्जा भी मिलती है। खेल प्रशासन और सरकार भी अब सेना की पृष्ठभूमि से आने वाले ऐसे एथलीटों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कदम उठा रही है ताकि वे बिना किसी आर्थिक या प्रशासनिक बाधा के देश का नाम रोशन करते रहें।





