मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव: संसद और PMO चमकाने वाली कंपनियों को मिला ₹647 करोड़ का ठेका

गुरुग्राम नगर निगम ने शहर की सफाई के लिए ₹647 करोड़ का प्रोजेक्ट बीवीजी और रामकी ग्रुप को सौंपा। 15 नवंबर से 875 वाहनों के साथ शुरू होगा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
26 अक्टूबर 2026 को 11:41 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव: संसद और PMO चमकाने वाली कंपनियों को मिला ₹647 करोड़ का ठेका
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •संसद भवन और राष्ट्रपति भवन की सफाई करने वाली कंपनियों को मिला गुरुग्राम का 5 साल का अनुबंध।
  • •नगर निगम ₹647 करोड़ करेगा खर्च, 15 नवंबर से दोनों क्लस्टरों में सफाई कार्य होगा शुरू।
  • •875 नए वाहनों और 1,673 कर्मचारियों की फौज संभालेगी साइबर सिटी की स्वच्छता का जिम्मा।
  • •बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जमे 15.55 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण के लिए भी बना बड़ा प्लान।

साइबर सिटी गुरुग्राम की छवि को कचरे के ढेर से मुक्त करने के लिए नगर निगम ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। शहर की सड़कों और गलियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ बनाने के लिए उन कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनके पास देश के सबसे प्रतिष्ठित भवनों जैसे संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सफाई का अनुभव है। बीवीजी (BVG) कंपनी और रामकी (Ramky) ग्रुप के साथ नगर निगम ने ₹647 करोड़ का पांच साल का अनुबंध फाइनल किया है। कंपनियों ने अर्नेस्ट मनी जमा कर दी है और प्रशासन ने 15 नवंबर से जमीनी स्तर पर काम शुरू करने की तैयारी कर ली है।

संसद और PMO जैसा चमकेगा गुरुग्राम: क्या है पूरा मास्टरप्लान?

गुरुग्राम नगर निगम ने शहर को दो मुख्य क्लस्टरों में विभाजित किया है। इन दोनों कंपनियों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से लेकर उसके वैज्ञानिक निस्तारण तक की पूरी चेन को संभालना होगा। खास बात यह है कि नगर निगम केवल बुनियादी ढांचा (शेड और साइट) उपलब्ध कराएगा, जबकि समस्त मशीनरी, आधुनिक वाहन और मैनपावर कंपनियों की अपनी होगी। निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने हाल ही में इन क्लस्टरों के लिए तैयार किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि काम में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विशेषताविवरण / आंकड़े
कुल प्रोजेक्ट लागत₹647 करोड़ (5 साल के लिए)
कार्य प्रारंभ तिथि15 नवंबर 2024
कुल वाहनों की संख्या875 (LCV, ई-रिक्शा, कॉम्पैक्टर)
कुल सफाई कर्मचारी1,673 (मैनुअल स्वीपिंग हेतु)
मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें25 आधुनिक मशीनें
बंधवाड़ी बजट₹151.20 करोड़ (लीगेसी वेस्ट निस्तारण)

वाहनों की तैनाती और रियल-टाइम मॉनिटरिंग

शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वाहनों की तैनाती का काम 28 अक्टूबर से ही चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण में 100 नए वाहन सड़कों पर उतरेंगे। वर्तमान में शहर में केवल 591 वाहनों से कचरा उठाया जा रहा है, जो नाकाफी साबित हो रहे हैं। नए अनुबंध के तहत 675 लाइट कमर्शियल वाहन (LCV), 184 ई-रिक्शा और 16 बड़े कॉम्पैक्टर शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, नालों की सफाई और झाड़ियों की कटाई के लिए 47 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और छह जेसीबी की व्यवस्था की गई है।

"सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हमने अनुभवी कंपनियों का चयन किया है। 15 नवंबर से शहर के दोनों क्लस्टरों में काम पूरी गति से शुरू होगा। हमारा लक्ष्य गुरुग्राम को कूड़ा मुक्त बनाना है।" - राजरानी मल्होत्रा, मेयर

बंधवाड़ी लैंडफिल साइट का संकट और समाधान

गुरुग्राम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बंधवाड़ी लैंडफिल साइट रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 20 अक्टूबर 2024 तक यहाँ कुल 58.50 लाख मीट्रिक टन कचरा था, जिसमें से 42.95 लाख मीट्रिक टन का निस्तारण किया जा चुका है। शेष बचे 15.55 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (Legacy Waste) के निस्तारण के लिए ₹151.20 करोड़ के नए अनुबंध किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अतिरिक्त कचरे के प्रबंधन के लिए ₹61.71 करोड़ का एक और प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, ताकि भविष्य में यहाँ कचरे का पहाड़ न बने।

अंतरराष्ट्रीय फजीहत के बाद प्रशासन हुआ सख्त

हाल के दिनों में गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलनी पड़ी थी। गुरुग्राम में रहने वाली एक फ्रांसीसी महिला मैथिडे आर ने शहर की गंदगी की तुलना सुअरों के रहने वाली जगह से कर दी थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। खुद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि शहर की गंदगी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'साइबर सिटी' की छवि धूमिल होती है। इसी दबाव और जनहित को देखते हुए नगर निगम ने पुरानी विफल व्यवस्थाओं को दरकिनार कर नई और अनुभवी कंपनियों को मैदान में उतारा है।

आगामी कदम: सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

नई व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। सभी 875 वाहनों में जीपीएस (GPS) लगाया जाएगा, जिससे यह पता चल सकेगा कि किस गली से कचरा उठा और कहाँ नहीं। यदि कोई कर्मचारी या वाहन अपने निर्धारित रूट से गायब मिलता है, तो कंपनी पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान अनुबंध में शामिल किया गया है। 15 नवंबर से गुरुग्राम के नागरिकों को एक नई और स्वच्छ सुबह मिलने की उम्मीद है।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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