हरियाणा के भिवानी-जींद राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है, जब बीती सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई। यह हृदयविदारक हादसा तिगड़ाना मोड़ के नजदीक उस समय घटित हुआ, जब एक तेज रफ्तार कैंटर और कार के बीच भयानक टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क दुर्घटना में कार सवार गांव मिताथल के रहने वाले दो ग्रामीण, जो रिश्ते में दादा और पोता थे, उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे ने एक बार फिर से रात के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
इस अप्रत्याशित दुर्घटना में न केवल दो जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गईं, बल्कि कार में सवार अन्य दो युवक भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे के बाद से ही इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, क्योंकि आए दिन इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसे आम होते जा रहे हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
तिगड़ाना मोड़ के पास कैसे हुआ खौफनाक हादसा और क्या था घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की देर रात भिवानी-जींद मार्ग पर यातायात सामान्य चल रहा था, तभी तिगड़ाना मोड़ के पास यह भयंकर हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, सामने से आ रहे एक अनियंत्रित कैंटर ने इतनी जबरदस्त टक्कर मारी कि कार के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। कार के अंदर फंसे लोगों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दादा और पोते की सांसें थम चुकी थीं।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिगड़ाना मोड़ के पास अक्सर बड़े वाहन तय सीमा से अधिक रफ्तार से दौड़ते हैं, जिसके कारण यहां चालकों के लिए नियंत्रण रखना कठिन हो जाता है। रात के सन्नाटे में इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों की कमी या धुंध जैसे कारक भी कई बार हादसों का कारण बनते हैं। हादसे के तुरंत बाद कैंटर चालक मौके से फरार होने में कामयाब हो गया, जिसकी तलाश के लिए पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि वाहन और उसके चालक की सही पहचान हो सके।
| दुर्घटना विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| घटना स्थल | तिगड़ाना मोड़, भिवानी-जींद मार्ग |
| समय | सोमवार देर रात |
| मृतक (दादा-पोता) | गाँव मिताथल निवासी (परिवार में शोक) |
| घायल युवक | दीपांशु (प्रीत विहार) और आशीष (रामगोपाल कॉलोनी, रोहतक) |
| संबद्ध पुलिस थाना | सदर थाना, भिवानी |
इस दुर्घटना में घायल हुए दोनों युवकों की पहचान रोहतक के प्रीत विहार निवासी दीपांशु और रामगोपाल कॉलोनी निवासी आशीष के रूप में हुई है। घायलों के परिवारों को जैसे ही इस मनहूस खबर की सूचना मिली, उनके घरों में कोहराम मच गया। मृतकों में शामिल परिवार की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो इस हादसे ने एक हंसते-खेल्ते परिवार को गहरा सदमा दिया है। एक तरफ जहां पीड़ित परिवार इस अपूरणीय क्षति से उबरने का प्रयास कर रहा है, वहीं पुलिस प्रशासन भी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन युवकों की हालत पर डॉक्टरों की विशेष नजर बनी हुई है।
"मृतकों के परिजनों की शिकायत और उनके आधार पर दिए गए बयनों के आधार पर अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम फरार चालक की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है और दुर्घटना के असल कारणों की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है।" - ए.एस.आई. मंजीत सिंह, जांच अधिकारी, सदर थाना
प्रशासनिक और पुलिस जांच का दायरा तथा आगे की कानूनी दिशा
सदर थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच का दायरा विस्तृत कर दिया है। जांच अधिकारी ए.एस.आई. मंजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस दल ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ-साथ फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाने का प्रयास किया है। पुलिस का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि हादसे के वक्त कैंटर की गति क्या थी और क्या चालक नशे की हालत में था या नहीं। इसके अलावा, मार्ग पर लगे टोल प्लाजा और अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि कैंटर के रूट का सटीक पता चल सके और आरोपी चालक को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग को भी अब गंभीर आत्मविश्लेषण करने की आवश्यकता है। जीटी रोड बेल्ट और हरियाणा के विभिन्न राज्य मार्गों पर ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले भारी वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग जोर पकड़ रही है। नागरिकों का कहना है कि जब तक पुलिस ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ सख्त ट्रैफिक चालान और कठोरतम कानूनी कार्रवाई नहीं करती, तब तक इस तरह कीमती जानें गंवाने का सिलसिला थमता नजर नहीं आएगा।





