हरियाणा के नारनौल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नूनी कलां गांव में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। त्योहार के पावन पर्व यानी दशहरे के दिन ही दो सगे भाइयों के बीच चली आ रही पुरानी जमीन की रंजिश ने एक खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि छोटे भाई ने अपने पुत्रों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से अपने ही बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीण क्षेत्र में भारी रोष और दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार सुबह करीब नौ बजे के आसपास घटी। मृतक इंद्रपाल खेत से अपना रोजमर्रा का काम समाप्त कर अपने घर की तरफ लौट रहे थे। जैसे ही वे गांव के मुख्य अड्डे के पास पहुंचे, वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे उनके छोटे भाई सुरेंद्र और अन्य आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि वे खुद का बचाव कर पाते, हमलावरों ने लाठी-डंडों से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। हमले में इंद्रपाल को गंभीर शारीरिक चोटें आईं, जिसके चलते कुछ ही देर में उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
लंबे समय से चल रहा था भूमि विवाद और पुरानी रंजिश
इस वीभत्स घटना के पीछे की मुख्य वजह संपत्ति और जमीन का पुराना अधिकार बताया जा रहा है। मृतक के बेटे अनिल ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उसके पिता इंद्रपाल और चाचा सुरेंद्र के बीच काफी समय से जमीन के एक टुकड़े को लेकर कानूनी और आपसी विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश के कारण आरोपी पक्ष लंबे समय से मौके की तलाश में था। अनिल ने यह भी खुलासा किया कि इस विवाद की बानगी इसी साल जनवरी के महीने में भी देखने को मिली थी, जब आरोपियों ने रात के अंधेरे में उसके पिता पर जानलेवा हमला कर उनके दोनों पैर तोड़ दिए थे। उस पुराने मामले की कानूनी सुनवाई अभी अदालत में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने इस बार वारदात को अंजाम तक पहुंचा दिया।
पीड़ित परिवार द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपियों की सूची तैयार की है। इसमें मुख्य रूप से छोटा भाई सुरेंद्र, उसके दो बेटे अंकित और विशाल, चाची तथा आरोपी अंकित की पत्नी को इस जघन्य हत्याकांड में शामिल बताया गया है। वारदात के बाद से सभी आरोपी अपने घरों से फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
| घटना के प्रमुख पहलू | विवरण / तथ्य |
|---|---|
| घटना स्थल | गांव नूनी कलां, नारनौल (हरियाणा) |
| मृतक का नाम | इंद्रपाल |
| मुख्य आरोपी | सुरेंद्र (छोटा भाई) एवं अन्य परिजन |
| वारदात का समय | मंगलवार सुबह करीब 9 बजे (दशहरा पर्व) |
| हिंसा का कारण | लंबे समय से चला आ रहा जमीन विवाद |
| कार्रवाई | सदर थाना पुलिस द्वारा मामला दर्ज व तलाश जारी |
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच के पहलू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सदर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के मोर्चरी हाउस में रखवाया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से पारिवारिक संपत्ति के विवाद का मामला प्रतीत होता है, जिसमें सुनियोजित ढंग से इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया है।
सदर थाना प्रभारी जय सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के बेटे अनिल की लिखित शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं जो फरार चल रहे सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि पुराने मामले और वर्तमान हत्याकांड के सभी साक्ष्यों को जोड़कर गहनता से तफ्तीश की जा रही है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
"शिकायतकर्ता अनिल के बयानों के आधार पर हत्या व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में भाइयों के बीच जमीन का पुराना विवाद ही इस घटना की मुख्य वजह सामने आई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।" - जय सिंह, थाना प्रभारी, सदर थाना नारनौल
पारिवारिक विघटन और ग्रामीण समाज पर गहराता प्रभाव
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संपत्ति का लालच और आपसी अहंकार किस हद तक रिश्तों को अंधा बना सकता है। दशहरे के पावन पर्व पर हुई इस हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पूर्व में हुए हमले के मामले में पुलिस और न्याय व्यवस्था की तरफ से अधिक सख्ती बरती जाती या दोनों पक्षों के बीच समय रहते सामाजिक स्तर पर समझौता करवा दिया जाता, तो शायद एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी। इस प्रकार की घटनाएं समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आपराधिक प्रवृत्ति के प्रसार को दर्शाती हैं, जो ग्रामीण ताने-बाने को अंदर से खोखला कर रही हैं।
दूसरी ओर, पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य की इस तरह से निर्मम हत्या हो जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के मौजिज लोग और पड़ोसी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर जमीन का यह विवाद खून के रिश्तों से बढ़कर कैसे हो गया।
अगली कानूनी और प्रशासनिक दिशा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडों और अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके। इसके साथ ही, जनवरी माह में हुए पुराने हमले के अदालती दस्तावेजों को भी इस मामले के साथ संलग्न किया जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि गांव में किसी भी प्रकार का तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, जिसके लिए स्थानीय पुलिस बल को सतर्क कर दिया गया है।





