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हिसार के बड़वा गांव की बेटी जया शर्मा ने रचा इतिहास, हरियाणा पुलिस में डीएसपी से सफर तय कर बनीं आईपीएस अधिकारी

हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत हिसार की बेटी जया शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 248वीं रैंक हासिल कर आईपीएस का पद पाया है।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
21 अक्टूबर 2026 को 11:02 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हिसार के बड़वा गांव की बेटी जया शर्मा ने रचा इतिहास, हरियाणा पुलिस में डीएसपी से सफर तय कर बनीं आईपीएस अधिकारी
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हिसार जिले के बड़वा गांव की रहने वाली हैं जया शर्मा
  • •हरियाणा पुलिस में डीएसपी के रूप में दे रही थीं सेवाएं, एचपीएससी परीक्षा में था आठवां रैंक
  • •संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में ऑल इंडिया 248वीं रैंक हासिल की
  • •वर्तमान में आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के अडोनी में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में तैनात

कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने की जिजीविषा यदि किसी व्यक्ति के भीतर हो, तो वह किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है। इस बात को हरियाणा के हिसार जिले से ताल्लुक रखने वाली एक होनहार बेटी ने सच साबित कर दिखाया है। राज्य पुलिस सेवा में डीएसपी की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और ड्यूटी के भारी भरकम घंटों के बीच उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि को अपने नाम किया है, जो आज के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है।

यह सफलता किसी एक दिन के प्रयास का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कड़ा संघर्ष, रात-दिन की पढ़ाई और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने की कहानी छिपी है। हिसार के ग्रामीण अंचल से निकलकर देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा तक का यह सफर युवाओं में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। शुरुआती बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने साबित कर दिया कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने के बीच यदि कोई रुकावट आए, तो उसे अपनी मेहनत के बल पर कैसे पीछे छोड़ा जा सकता है।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक का सफर

जया शर्मा की शैक्षणिक यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। उनकी शुरुआती पढ़ाई उनके अपने ही पैतृक गांव बड़वा के एक निजी शिक्षण संस्थान से पूरी हुई थी। इसके बाद उन्होंने आगे की उच्च शिक्षा के लिए देश की राजधानी का रुख किया और प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक यानी बीएससी की डिग्री पूरी की। विज्ञान विषय के प्रति उनकी गहरी रुचि शुरू से ही थी, जिसके चलते ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित अंतरिक्ष संस्थान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ भी काम किया। इसरो में उन्होंने विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर अपनी सेवाएं दीं, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और अधिक मजबूती मिली। विज्ञान के क्षेत्र में अपनी सफल भूमिका निभाने के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान सिविल सेवा परीक्षा की तरफ केंद्रित कर लिया और मछली की आंख की तरह सिर्फ अपने लक्ष्य पर नजर गड़ाए रखी।

हरियाणा पुलिस सेवा से लेकर भारतीय पुलिस सेवा तक की प्रेरणादायक राह

विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में हाथ आजमाने के बाद जया शर्मा ने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का मन बनाया। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए आठवां स्थान प्राप्त किया था, जिसके बाद उनका चयन हरियाणा पुलिस सेवा में डीएसपी (DSP) के पद पर हुआ। पुलिस विभाग में रहते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों पर नकेल कसने और प्रशासनिक कार्यों की तमाम जटिल जिम्मेदारियों को निभाना आसान नहीं होता। इसके बावजूद उन्होंने अपने भीतर के आईपीएस बनने के सपने को कभी टूटने नहीं दिया। ड्यूटी के कड़े घंटों के बाद जो भी समय मिलता, वे पूरी तन्मयता से अपनी यूपीएससी की किताबों के साथ बैठ जाती थीं। शुरुआती असफलताओं से हताश होने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और आखिरकार अपने दूसरे प्रयास में सफलता का इतिहास रच दिया।

विवरणतथ्य एवं आंकड़े
मूल निवासगांव बड़वा, जिला हिसार, हरियाणा
वर्तमान पद एवं तैनातीसहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), अडोनी, कुरनूल, आंध्र प्रदेश
सिविल सेवा परीक्षा परिणामऑल इंडिया रैंक 248 (वर्ष 2023)
पूर्व शैक्षणिक पृष्ठभूमिदिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी, इसरो में रिसर्च प्रोजेक्ट
पूर्व प्रशासनिक पदडीएसपी, हरियाणा पुलिस (HPSC रैंक 8)
प्राप्त कैडरआंध्र प्रदेश कैडर (IPS)

कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया मोर्चा

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 248वां स्थान प्राप्त करने के बाद जया शर्मा का चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ। उन्हें अखिल भारतीय सेवाओं के नियमों के तहत आंध्र प्रदेश कैडर आवंटित किया गया। वर्तमान में वे आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के अडोनी उप-खंड में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के तहत उनके कंधों पर क्षेत्र में कानून और व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना, पुलिस बल के कार्यों की सख्त निगरानी रखना और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उनके सहकर्मी और वरिष्ठ अधिकारी उनके कार्य के प्रति समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हैं।

उनकी यह सफलता उन तमाम महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा का स्रोत है जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन रास्ते में आने वाली शुरुआती बाधाओं से घबराकर अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। जया शर्मा ने साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों और रास्ते में आने वाली हर चुनौती को सीखने के अवसर के रूप में देखा जाए, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी यह कहानी न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के युवाओं के भीतर कुछ नया कर दिखाने का हौसला पैदा करती है।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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