हरियाणा के मौसम मिजाज में लगातार बदलाव का सिलसिला शुरू हो चुका है, जहां उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रवेश ने सूबे में गुलाबी ठंड की विधिवत दस्तक करा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेशभर में रात के तापमान में क्रमिक गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे अब लोगों को शाम ढलते ही हल्की सिहरन का अहसास होने लगा है। हालांकि, दिन के समय सूर्यदेव की तपिश अभी भी बरकरार है, लेकिन हवा की दिशा बदलने से मौसम सुहाना होने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह ठंडक और अधिक परवान चढ़ेगी, जिससे किसानों को भी फसलों के लिहाज से अपने कृषि कार्यों की रूपरेखा तय करने में मदद मिलेगी।
राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां रातें तेजी से ठंडी होती जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में दिन का पारा अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे मौसम में एक अनूठा संतुलन बन गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लोग अब सुबह और शाम के वक्त हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं। मौसम में आ रहे इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ बाजारों की रौनक पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जहां मौसमी खानपान और कपड़ों की खरीदारी शुरू हो चुकी है।
प्रमुख जिलों में तापमान के आंकड़े और रात का हाल
बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए तापमान पर नजर डालें तो हरियाणा के कई शहर ठंड की चपेट में आने लगे हैं। गुरुग्राम और यमुनानगर इस समय राज्य के सबसे ठंडे इलाके साबित हो रहे हैं, जहां रात का पारा लुढ़ककर 14.8 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। इसके अलावा करनाल, महेंद्रगढ़ और सोनीपत जैसे जिलों में भी रात का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है, जो इस बात का गवाह है कि सर्दियों का सीजन अब धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। दूसरी ओर, दिन के तापमान के मामले में नूंह ने बाजी मारी है और वहां अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।
| जिला / क्षेत्र | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति |
|---|---|---|---|
| गुरुग्राम | 14.8 | 31.5 | सर्दी की शुरुआत, साफ आसमान |
| यमुनानगर | 14.8 | 30.2 | ठंडी रातें, सुहाना मौसम |
| महेंद्रगढ़ | 15.5 | 33.0 | दिन में गर्मी, रात में ठंड |
| नूंह | 17.2 | 33.2 | सबसे गर्म दिन का तापमान |
| सोनीपत | 15.6 | 28.8 | कम अधिकतम तापमान दर्ज |
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों ने आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी कर दिया है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश भर में मौसम का मिजाज आगामी 22 अक्टूबर तक पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस दौरान आसमान साफ रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में हल्के बादलों की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है। हवाओं की गति सामान्य रहने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, लेकिन सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवाएं लोगों को ठंड का अहसास कराती रहेंगी।
"राज्य में हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिमी होने के कारण आगामी 22 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में हल्के बादल छा सकते हैं और हल्की से मध्यम गति की हवाएं चल सकती हैं। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, जबकि सुबह व शाम को हल्की ठंड का अहसास बढ़ेगा और रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा।" - डॉ. मदन खीचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, HAU हिसार
24 अक्टूबर को बारिश की संभावना और किसानों पर असर
मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण के अनुसार, 20 अक्टूबर से लेकर 23 अक्टूबर तक तो राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह से शुष्क रहेगा। परंतु, 24 अक्टूबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय मौसमी बदलाव के चलते पश्चिमी हरियाणा के कुछ चुनिंदा जिलों में मौसम करवट ले सकता है। विशेष तौर पर सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जैसे प्रमुख जिलों में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार जताए गए हैं। इस संभावित बूंदाबांदी से जहां एक ओर प्रदूषण के स्तर में कमी आ सकती है, वहीं दूसरी ओर धान की कटाई और आगामी रबी फसलों की बिजाई की तैयारी कर रहे किसानों की चिंताएं भी थोड़ी बढ़ सकती हैं। हालांकि, इन तीन जिलों को छोड़कर शेष हरियाणा में मौसम के पूरी तरह से साफ बने रहने की ही उम्मीद है।
मौसम में आ रहे इन बदलावों का सीधा असर आम जनजीवन, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की दिनचर्या पर पड़ना शुरू हो गया है। सुबह के वक्त बाहर निकलने वाले लोगों को अब ऊनी वस्त्रों की जरूरत महसूस होने लगी है। इसके अलावा, बदलते मौसम के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों के लिए भी यह समय काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपनी धान की फसल को समेटने और खेतों को अगली फसल (गेहूं व सरसों) के लिए तैयार करने में जुटे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम विभाग के पूवार्नुमान को ध्यान में रखते हुए ही अपनी कटाई और भंडारण की गतिविधियों को अंजाम दें ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।





