हरियाणा के मौसम में अक्टूबर महीने के अंतिम सप्ताह में प्रवेश करते ही बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर में अब सुबह और शाम के वक्त गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है, जबकि दोपहर के समय धूप अपनी तेजी बनाए हुए है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, भले ही औसत न्यूनतम तापमान में मामूली 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई हो, लेकिन मैदानी इलाकों में रातों का पारा तेजी से नीचे आ रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लोग अब रात के समय हल्की चादर या हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने लगे हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान में एक दिलचस्प उलटफेर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां रातें सर्द होने लगी हैं, वहीं दूसरी तरफ दिन के वक्त खिलने वाली धूप से गर्मी का अहसास अभी भी बरकरार है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के रुख में बदलाव के कारण वातावरण में यह दोहरी स्थिति बनी हुई है। कृषि और मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह ठंडक और अधिक बढ़ सकती है, जिससे रबी की फसलों की बुवाई से पहले के कृषि कार्यों पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रमुख शहरों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान की स्थिति
रात के तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट एनसीआर से सटे गुरुग्राम और उत्तर हरियाणा के यमुनानगर जिले में दर्ज की गई है, जहां पारा गिरकर 14.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान माना जा रहा है। इसके अलावा ऐतिहासिक शहर करनाल में न्यूनतम पारा 15.4 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 15.5 डिग्री और औद्योगिक नगरी सोनीपत में 15.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि रात के समय मैदानी इलाकों में ठंडक अपने पैर पसार चुकी है।
इसके विपरीत, दिन के समय धूप की तपिश अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। दक्षिण हरियाणा के नूंह जिले में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ में दिन का पारा 33 डिग्री और हिसार में 32.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि, सोनीपत और पंचकूला जैसे क्षेत्रों में दिन का तापमान क्रमशः 28.8 डिग्री और 29.3 डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को दोपहर की चुभन भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
| जिला / क्षेत्र | न्यूनतम तापमान (रात) | अधिकतम तापमान (दिन) | संभावित मौसम स्थिति |
|---|---|---|---|
| गुरुग्राम | 14.8 °C | 31.5 °C | सुबह-शाम ठंड, दिन साफ |
| यमुनानगर | 14.8 °C | 31.0 °C | गुलाबी ठंड में इजाफा |
| करनाल | 15.4 °C | 30.5 °C | आंशिक रूप से बादल |
| महेंद्रगढ़ | 15.5 °C | 33.0 °C | दिन में तेज धूप, रात ठंडी |
| सोनीपत | 15.6 °C | 28.8 °C | सुहाना मौसम |
| नूंह | 17.2 °C | 33.2 °C | दिन में गर्मी बरकरार |
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और आगामी दिनों का हाल
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, आगामी 20 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक पूरे हरियाणा में मौसम पूरी तरह से शुष्क और शांत रहने के आसार हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार की भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, आसमान में बीच-बीच में हल्के बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश के तापमान को और नीचे खींचने का काम करेंगी, जिससे विशेषकर ग्रामीण अंचलों में सुबह के वक्त धुंध या कोहरे जैसी हल्की परत भी देखी जा सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का आकलन है कि इन चार दिनों के दौरान दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन रात के पारे में क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी। किसानों के लिए यह मौसम फिलहाल अनुकूल माना जा रहा है क्योंकि शुष्क मौसम के चलते धान की कटाई और मंडियों में फसल के उठान का कार्य बिना किसी बाधा के तेजी से पूरा किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटाई के बाद के अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करें ताकि पर्यावरण प्रदूषण से बचा जा सके।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से आगामी 22-23 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं और हल्की से मध्यम गति की हवाएं चल सकती हैं। दिन के तापमान में मामूली फेरबदल हो सकता है, जबकि रात के तापमान में लगातार गिरावट आने से ठंड का दायरा और अधिक फैलेगा। - डॉ. मदन खीचड़, मौसम विभाग विशेषज्ञ
24 अक्टूबर को पश्चिमी हरियाणा में बारिश के बन रहे हैं समीकरण
मौसम प्रणाली में होने वाले संभावित बदलाव के तहत 24 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी छोर पर स्थित कुछ जिलों में मौसम का मिजाज पलट सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि इस दिन विशेष रूप से सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिलों में कुछ स्थानों पर बादलों की गर्जना के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। इस हल्की फुहार से जहां एक तरफ तापमान में अचानक गिरावट आएगी, वहीं दूसरी तरफ वायु प्रदूषण के स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, इस बूंदाबांदी का दायरा बहुत सीमित रहने का अनुमान है और हरियाणा के बाकी हिस्सों जैसे कि जीटी रोड बेल्ट, दक्षिण और मध्य हरियाणा में मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क ही बना रहेगा। इस हल्की वर्षा से कृषि क्षेत्र में विशेष रूप से उन किसानों को राहत मिल सकती है जो अगली फसलों की बिजाई के लिए खेतों में नमी का इंतजार कर रहे हैं। मौसम में आ रहा यह बदलाव इस बात का संकेत है कि अब सर्दियों का औपचारिक आगमन हरियाणा की दहलीज पर दस्तक दे चुका है।
आम जनजीवन और त्योहारी सीजन पर मौसम के बदलाव का असर
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में तापमान में आ रही इस गिरावट का सीधा असर आम जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। सुबह के वक्त सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों और बच्चों ने अब हल्के ऊनी वस्त्र पहनना शुरू कर दिया है। इसके अलावा बाजारों में भी सर्दियों के कपड़ों की खरीदारी को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही लोग शाम के समय बाजारों में खरीदारी के लिए निकल रहे हैं, जहां अब उन्हें सुहाना और खुशनुमा मौसम मिल रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दिन की गर्मी और रात की ठंडक के इस अंतर (डिफरेंशियल टेम्परेचर) के कारण सर्दी-जुखाम, वायरल बुखार और गले के संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और देर शाम के समय ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क से बचने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस वेदर ट्रांसमिशन पीरियड में खानपान और अपने पहनावे का विशेष ध्यान रखें।





